प्रोजेक्ट्स पूरे कराने पर DLF का फोकस
DLF ने अपने जारी आवासीय प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए ₹21,300 करोड़ का बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। यह कदम कंपनी की वर्तमान विकास योजनाओं पर मजबूती से टिके रहने की रणनीति को दर्शाता है। खास तौर पर, कंपनी दिल्ली-NCR, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे शहरों में चल रहे प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने पर जोर दे रही है। इसका मकसद खरीदारों का भरोसा बनाए रखना और किसी भी तरह के प्रोजेक्ट डिले के जोखिम को कम करना है।
बिक्री में गिरावट, पर मुनाफे में उछाल
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए, DLF की सेल्स बुकिंग पिछले साल के ₹21,223 करोड़ से घटकर ₹20,143 करोड़ हो गई, जो लगभग 5% की गिरावट है। इसके बावजूद, कंपनी ने अपनी वित्तीय मजबूती का प्रदर्शन किया है। इस अवधि में नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹4,414.68 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹4,366.82 करोड़ से अधिक है। कुल आय भी ₹8,995.89 करोड़ से बढ़कर ₹9,816.04 करोड़ हो गई। यह स्थिर मुनाफा, बिक्री में मामूली गिरावट के बावजूद, कंपनी के मजबूत परिचालन प्रबंधन और खर्चों पर बेहतर नियंत्रण का संकेत देता है।
DLF की वित्तीय ताकत और बाजार की स्थिति
DLF का मार्केट कैप लगभग ₹1.43 ट्रिलियन है और इसका P/E रेश्यो 31.8x से 33.03x के बीच है। कंपनी पर कर्ज बहुत कम है, जिसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.02 से 0.096 के बीच है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। इस क्षेत्र में, Oberoi Realty का मार्केट कैप करीब ₹58,856 करोड़ है, जबकि Prestige Estates Projects का वैल्यूएशन ₹59,000-₹62,000 करोड़ के आसपास है। भारतीय रियल एस्टेट मार्केट के अगले 8 सालों में सालाना 10.08% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो DLF जैसी मजबूत कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
आगे की राह और जोखिम
कंपनी के पास 280 मिलियन वर्ग फुट का एक बड़ा डेवलपमेंट पाइपलाइन है और यह वैल्यू क्रिएशन पर केंद्रित है। एनालिस्ट्स DLF को 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनके टारगेट प्राइस ₹848 से ₹861 के बीच हैं, जो मौजूदा कीमतों से 39-50% तक के उछाल का संकेत देता है। 'The Dahlias' जैसा प्रोजेक्ट अकेले ₹35,000 करोड़ का रेवेन्यू ला सकता है। हालांकि, रियल एस्टेट सेक्टर में प्रोजेक्ट्स में देरी, लागत में अप्रत्याशित वृद्धि, प्रॉपर्टी की मांग में कमी या ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी जैसे जोखिम बने रहते हैं।
