गुरुग्राम में एक रिकॉर्ड तोड़ **₹271 करोड़** की पेंटहाउस बिक्री के बाद DLF अब पूरी तरह से अल्ट्रा-रिच खरीदारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। हालांकि कंपनी कोलकाता जैसे शहरों के निवेशकों को लुभा रही है, लेकिन उसने वहां अपने प्रोजेक्ट्स से हाथ खींच लिए हैं।
अल्ट्रा-लग्जरी मार्केट में बड़ी हलचल
रियल एस्टेट दिग्गज DLF अब अपने 'The Dahlias' प्रोजेक्ट में ₹271 करोड़ के पेंटहाउस सौदे के बाद लग्जरी सेगमेंट में और मजबूती से कदम बढ़ा रही है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य अब भारत के बड़े शहरों के हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) को लुभाना है।
कोलकाता और अन्य क्षेत्रों में बदली रणनीति
दिलचस्प बात यह है कि कंपनी कोलकाता, भुवनेश्वर और गुवाहाटी के रईस परिवारों को अपना टारगेट बना रही है, लेकिन 2026 की शुरुआत में ही DLF ने कोलकाता में अपने IT-SEZ और जमीन के सौदे Srijan Group को बेच दिए थे। इसका मतलब है कि कंपनी अब इन शहरों में प्रोजेक्ट डेवलप नहीं करेगी, बल्कि वहां से केवल खरीदार जुटाने का काम करेगी।
मजबूत बैलेंस शीट और चुनौतियां
कंपनी के लिए सबसे राहत की बात इसका जीरो-डेट स्टेटस है। मिड-2026 तक कंपनी के पास ₹14,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ के बीच नेट कैश मौजूद है, जो इसके ₹60,000 करोड़ के आगामी प्रोजेक्ट पाइपलाइन के लिए एक बड़ा सहारा है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹794 करोड़ रहा है। हालांकि, रियल एस्टेट सेक्टर की अनिश्चितता और बढ़ती कंस्ट्रक्शन लागत कंपनी के मार्जिन पर दबाव बना सकती है। निवेशकों की नजर अब इस पर है कि कंपनी अपनी भारी-भरकम पाइपलाइन को कितनी तेजी से सेल्स में तब्दील कर पाती है।
