तिमाही में उछाल, साल भर में गिरावट
DLF ने FY26 की चौथी तिमाही में ₹3,970 करोड़ की प्री-सेल्स दर्ज की, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 95% ज्यादा है। यह कंपनी के लिए एक मजबूत तिमाही अंत रहा। हालांकि, अगर पूरे वित्तीय वर्ष 2026 की बात करें, तो कुल बुकिंग ₹20,100 करोड़ रही, जो 5% कम है।
Nuvama का भरोसा और कैश पर फोकस
इस प्रदर्शन को देखते हुए, ब्रोकरेज हाउस Nuvama ने DLF पर 'Buy' रेटिंग को कायम रखा है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹722 तय किया है। Nuvama के विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का कैश जनरेशन (Cash Generation) बेहतर हो रहा है। DLF का नेट कैश सरप्लस (Net Cash Surplus) अब ₹14,200 करोड़ को पार कर गया है। कंपनी का मैनेजमेंट अब मार्जिन को नुकसान पहुंचाने वाली सेल्स ग्रोथ के बजाय ऑपरेटिंग सरप्लस (Operating Surplus) और कैश फ्लो को प्राथमिकता दे रहा है।
रेंटल बिजनेस की मजबूती
DLF की यह स्ट्रैटेजी उसके मजबूत रेंटल बिजनेस से समर्थित है। कंपनी के पास लगभग 5 करोड़ स्क्वायर फीट का रेंटल पोर्टफोलियो है, जिसमें ऑफिस की ऑक्यूपेंसी 95% और रिटेल की 97% है। यह सेगमेंट कंपनी को स्थिर और लगातार रेवेन्यू (Revenue) देता है। मैनेजमेंट ने सालाना ₹9,000 करोड़ का ऑपरेटिंग सरप्लस और ₹7,000-8,000 करोड़ का फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) जेनरेट करने का लक्ष्य रखा है।
पीयर कंपेरिजन और मार्केट ट्रेंड्स
जबकि DLF का FY26 बुकिंग ₹20,100 करोड़ रहा, वहीं प्रतिस्पर्धी कंपनियां जैसे Godrej Properties ने FY27 के लिए ₹39,000 करोड़ का लक्ष्य रखा है। Prestige Estates Projects ने FY26 के लिए ₹25,000-27,000 करोड़ की प्री-सेल्स का अनुमान लगाया है। Oberoi Realty ने FY26 में रिकॉर्ड ₹2,507 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, वहीं Godrej Properties का नेट प्रॉफिट ₹1,850 करोड़ रहा। यह दिखाता है कि DLF का फोकस प्रॉफिटेबिलिटी और कैश पर है, न कि सिर्फ सेल्स वॉल्यूम पर। भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में प्रीमियम सेगमेंट में निवेश बढ़ रहा है और मेट्रो शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें सालाना 4-8% तक बढ़ने की उम्मीद है। रेंटल मार्केट में भी 5-7% की ग्रोथ देखी जा सकती है।
स्टॉक परफॉर्मेंस और चिंताएं
15 मई 2026 तक, DLF का शेयर लगभग ₹566-₹583 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। 2026 में अब तक शेयर में करीब 17% और पिछले 12 महीनों में 20% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप (Market Cap) करीब ₹1.4 ट्रिलियन है और पी/ई रेश्यो (P/E Ratio) लगभग 32x है, जो Nifty Realty इंडेक्स (34.3x) और Godrej Properties (33.9x) के आसपास है, जबकि Oberoi Realty (26.5x) से थोड़ा ऊपर है। हालांकि, विश्लेषकों को कुछ चिंताएं भी हैं, जैसे कि गुरुग्राम मार्केट में संभावित चुनौतियां और नए लॉन्च पर निर्भरता। DLF का मार्केट कैप पिछले साल के मुकाबले 16.5% गिरा है।
भविष्य की रणनीति
DLF ने FY27 के लिए ₹20,000 करोड़ की लॉन्च और प्री-सेल्स का लक्ष्य रखा है। कंपनी का मुख्य जोर कैश फ्लो और ऑपरेटिंग सरप्लस बनाने पर है। Nuvama का ₹722 का टारगेट एक मजबूत अपसाइड दर्शाता है, जबकि कुछ अन्य विश्लेषकों ने तो ₹1,060 तक का टारगेट भी दिया है, जो कंपनी की कैश जनरेशन स्ट्रेटेजी की सफलता पर निर्भर करेगा।