पोर्टफोलियो री-स्ट्रक्चरिंग: DLF का कोलकाता से एग्जिट
DLF ने यह फैसला अपने प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो को और बेहतर बनाने और पूंजी को सबसे ज़्यादा मुनाफे वाले बिज़नेस में लगाने के लिए लिया है। इस डील के तहत, DLF ने ₹409.86 करोड़ में एक बना हुआ IT/ITeS SEZ और 8.15 एकड़ ज़मीन बेची। इसके अलावा, ₹260 करोड़ में 17.75 एकड़ ज़मीन भी इसी ग्रुप की एक कंपनी को बेची गई। अप्रैल 2025 में शुरू हुई यह प्रक्रिया अब पूरी हो गई है, जिससे DLF कोलकाता के ऑफिस पोर्टफोलियो से पूरी तरह बाहर हो गई है।
मज़बूत कोर परफॉर्मेंस: रेंटल बिज़नेस की दमदार चाल
कोलकाता से एग्जिट के बावजूद, DLF का मुख्य बिज़नेस ज़ोरदार प्रदर्शन कर रहा है। DLF Cyber City Developers Limited (DCCDL), जो कंपनी का रेंटल आर्म है, ने Q3 FY26 में 18% सालाना रेवेन्यू ग्रोथ और EBITDA में बढ़ोतरी दर्ज की। दिसंबर 2025 तक, कंपनी के रेंटल एसेट्स में केवल 5-5.5% की वैकेंसी थी, जो मज़बूत आय का संकेत है।
DLF लिमिटेड के ओवरऑल नतीजे भी शानदार रहे। Q3 FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 14% बढ़कर ₹1,203 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹2,020 करोड़ पर पहुंच गया। एक बड़ी उपलब्धि यह रही कि DLF के डेवलपमेंट बिज़नेस ने ज़ीरो ग्रॉस डेट हासिल कर लिया है, जो मज़बूत कैश फ्लो को दर्शाता है।
रियल एस्टेट मार्केट और एनालिस्ट्स की राय
भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर, खासकर कमर्शियल स्पेस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की बढ़ती मांग के कारण मज़बूत बना हुआ है। विश्लेषकों (Analysts) का DLF पर भरोसा कायम है और उन्होंने इसे "स्ट्रॉन्ग बाय" (Strong Buy) रेटिंग दी है, जिसका 12 महीने का टारगेट प्राइस 37% से ज़्यादा की बढ़त का संकेत दे रहा है। हालांकि, 2026 की शुरुआत में कुछ रियल एस्टेट स्टॉक्स में गिरावट आई थी, DLF ने अपनी मज़बूत पोजीशन बनाए रखी है।
