दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने राजधानी के हजारों फ्लैट मालिकों के लिए खुशखबरी सुनाई है। DDA ने अपने फ्लैट्स के रेनोवेशन (Renovation) के नियमों को काफी आसान कर दिया है, जिससे अब आम तौर पर किए जाने वाले बदलावों के लिए पहले सरकारी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। इस बड़े कदम से पुराने फ्लैट्स की मार्केट वैल्यू और रीसेल वैल्यू (Resale Value) बढ़ने की उम्मीद है।
क्या हैं नए नियम?
DDA के नए नियमों के तहत, अब फ्लैट मालिक बालकनी की पैरापेट को 5 फीट तक ग्रिल या ग्लास से बढ़ा सकते हैं। साथ ही, आंगन की दीवारों की ऊंचाई 7 फीट तक की जा सकती है। सबसे खास बात यह है कि अब नॉन-लोड-बेयरिंग (Non-load-bearing) दीवारों को हटाकर रहने की जगह को बड़ा किया जा सकेगा। इसके अलावा, छत (Loft) बनाना, फ्लोरिंग बदलना और गैरेज या ग्राउंड फ्लोर पर पानी की टंकी (Water Tank) लगाना भी आसान हो गया है, बशर्ते इससे बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल सेफ्टी (Structural Safety) पर कोई असर न पड़े।
किन कामों के लिए अब भी चाहिए मंजूरी?
हालांकि, DDA ने कुछ बड़े बदलावों के लिए पहले की तरह सरकारी मंजूरी को अनिवार्य रखा है। अगर आप लोड-बेयरिंग दीवारों में कोई छेड़छाड़ करते हैं, किचन या बाथरूम की जगह बदलते हैं, या टेरेस को बंद (Enclosure) करते हैं, तो आपको आर्किटेक्ट (Architect) या स्ट्रक्चरल इंजीनियर (Structural Engineer) से अप्रूवल लेना होगा। इन बड़े कामों के लिए निर्धारित फीस भी चुकानी पड़ सकती है। DDA ने यह भी साफ किया है कि अवैध निर्माण, अतिरिक्त मंजिलें या अतिक्रमण (Encroachments) अब भी पूरी तरह से बैन हैं और इन पर कार्रवाई जारी रहेगी।
रियल एस्टेट मार्केट पर क्या होगा असर?
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इन नियमों से द्वारका, वसंत कुंज और रोहिणी जैसे इलाकों में DDA के पुराने फ्लैट्स की डिमांड बढ़ सकती है। पहले छोटे-मोटे बदलावों के लिए भी लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, जिससे खरीदार हिचकिचाते थे। नए नियमों से इन फ्लैट्स की लिक्विडिटी (Liquidity) और अट्रैक्टिवनेस (Attractiveness) बढ़ेगी।
यह कदम कंस्ट्रक्शन (Construction) और होम इम्प्रूवमेंट (Home Improvement) सेक्टर के लिए भी अच्छी खबर है, क्योंकि इससे आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनर्स (Interior Designers) और कॉन्ट्रैक्टर्स (Contractors) के लिए काम बढ़ने की संभावना है। हालांकि, प्रॉपर्टी की कीमतों पर इसका कितना असर होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि मालिक इन नई सुविधाओं का इस्तेमाल करके अपने घरों को कितना बेहतर बनाते हैं।
