NCR की जानी-मानी रियल एस्टेट फर्म County Group ने गुरुग्राम के सेक्टर 88A में **₹4,500 करोड़** के अल्ट्रा-लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट की घोषणा की है। **24 एकड़** में फैले इस प्रोजेक्ट में कुल **844 यूनिट्स** बनाई जाएंगी, जिसका काम **2026** से शुरू होकर **2032** तक चलेगा।
प्रोजेक्ट का विस्तार और लोकेशन
यह अल्ट्रा-लग्जरी प्रोजेक्ट गुरुग्राम के सेक्टर 88A में स्थित है। 24 एकड़ में फैले इस प्रोजेक्ट की ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹4,500 करोड़ आंकी गई है, जिसमें 9 टावर्स के जरिए 844 रेजिडेंशियल यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा। यह इलाका द्वारका एक्सप्रेसवे और NH-48 के पास है, जहाँ पिछले कुछ समय में इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी हलचल रही है।
लंबी समय सीमा और चुनौतियां
डेवलपर ने बताया है कि इसका काम 1 जुलाई 2026 से शुरू होगा और यह 31 दिसंबर 2032 तक चलेगा। इतनी लंबी अवधि का निर्माण इस बात की ओर इशारा करता है कि कंपनी मार्केट में अपनी पैठ जमाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। इससे पहले भी कंपनी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के जरिए रुके हुए प्रोजेक्ट्स को पुनर्जीवित करने के लिए चर्चा में रही है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
मार्केट वॉचर्स को यह समझना होगा कि County Group एक प्राइवेटली हेल्ड कंपनी है। इसका मतलब है कि यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसमें कोई भी सीधा स्टॉक मार्केट निवेश संभव नहीं है। कंपनी लिस्टेड कंपनियों की तरह अपने फाइनेंशियल रिजल्ट्स, कर्ज (Debt) और मार्जिन की जानकारी सार्वजनिक नहीं करती, जो पारदर्शिता के लिहाज से एक सीमित फैक्टर है।
रिस्क फैक्टर
2032 तक चलने वाला कंस्ट्रक्शन प्लान कई जोखिमों के साथ आता है, जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लेबर की उपलब्धता। भले ही कंपनी को [ICRA]BBB (Stable) रेटिंग मिली हो, लेकिन लॉन्ग टर्म एग्जीक्यूशन और मार्केट डिमांड के प्रति प्रोजेक्ट की संवेदनशीलता पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा।
