Chennai Real Estate: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! 2025 में 55% की रिकॉर्ड तेजी, पश्चिम के बड़े शहर पीछे छूटे

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Chennai Real Estate: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! 2025 में 55% की रिकॉर्ड तेजी, पश्चिम के बड़े शहर पीछे छूटे
Overview

2025 में भारतीय रियल एस्टेट मार्केट में बड़ा बदलाव देखने को मिला। चेन्नई में घरों की बिक्री **55%** तक बढ़ गई, जहां **24,800** से ज़्यादा यूनिट्स बिकीं। इसके उलट, मुंबई और पुणे जैसे पश्चिमी शहरों में प्रॉपर्टी सेल्स में **26.4%** और **28.5%** की भारी गिरावट दर्ज की गई।

2025 में भारतीय रियल एस्टेट मार्केट ने एक बड़ा क्षेत्रीय बंटवारा दिखाया। चेन्नई के हाउसिंग मार्केट में बिक्री 55% तक उछल गई, जो 24,892 यूनिट्स तक पहुंच गई। इसके पीछे आम खरीदारों की लगातार मांग और मजबूत स्थानीय आर्थिक हालात को वजह बताया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर मुंबई में प्रॉपर्टी सेल्स 26.4% लुढ़क गई और पुणे में 28.5% की गिरावट आई। इससे पश्चिमी भारत में कुल बिक्री में करीब 24% की कमी आई। पूरे देश में प्रॉपर्टी की कुल बिक्री 12% घटी, लेकिन प्रीमियम सेगमेंट में मांग बनी रहने से सौदों का कुल मूल्य (transaction value) मजबूत रहा। 2025 में जहां चेन्नई में प्रॉपर्टी की कीमतें स्थिर रहीं, वहीं मुंबई में 4% और पुणे में 1% की गिरावट देखी गई।

2026 में बाजार को सहारा देने के लिए दो अहम सरकारी कदम उठाए गए। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2025 के दौरान कई बार रेपो रेट में कटौती की, जिससे दिसंबर 2025 तक यह 5.25% पर आ गया। इससे होम लोन सस्ते होने की उम्मीद है, जो लोगों के लिए घर खरीदना आसान बना सकता है। इसके साथ ही, सितंबर 2025 से सीमेंट पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया। सीमेंट, टाइल्स और मार्बल जैसे निर्माण सामग्री पर आई यह कमी डेवलपर्स की लागत को कम करेगी, जिससे घरों की कीमतें और किफायती हो सकती हैं। इसके अलावा, डेवलपर्स ने भी स्टॉक (inventory) को समझदारी से मैनेज किया और मांग के हिसाब से ही नई सप्लाई दी, जिससे कीमतों को अनियंत्रित बढ़ने से रोका जा सका।

हालांकि 2025 में प्रॉपर्टी की कुल बिक्री कम हुई, पर इंडस्ट्री का भरोसा अब भी कायम है। अच्छे आर्थिक माहौल, घटती महंगाई और पैसों की स्थिर उपलब्धता से सेक्टर के भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। खास तौर पर दक्षिण भारत के शहरों, जैसे बेंगलुरु और हैदराबाद में ऑफिस स्पेस की अच्छी लीजिंग एक्टिविटी के चलते वहां सेंटिमेंट और मजबूत हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में प्रॉपर्टी की कीमतों में 6.3% (2025 के लिए) और 7% (2026 के लिए) तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, लग्जरी सेगमेंट पर बढ़ती निर्भरता और शुरुआती खरीदारों के लिए अफोर्डेबिलिटी (सामर्थ्य) जैसी चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपर्स जैसे DLF और Godrej Properties के पी/ई रेश्यो (P/E ratios) बताते हैं कि निवेशक अभी भी ग्रोथ की संभावनाओं पर नजर रखे हुए हैं। भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री का औसत पी/ई रेश्यो करीब 43.5x रहा, जो पिछले 3 साल के औसत से कम है, जिससे कुछ सेगमेंट्स में वैल्यू दिख सकती है।

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