Chennai Real Estate: 2-BHK का दौर खत्म! अब 53% खरीदार 3-BHK घर पर लगा रहे दांव

REAL-ESTATE
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Chennai Real Estate: 2-BHK का दौर खत्म! अब 53% खरीदार 3-BHK घर पर लगा रहे दांव

चेन्नई के रियल एस्टेट मार्केट में बड़ा बदलाव आया है। अब आधे से ज्यादा (53%) खरीदार छोटे 2-BHK के बजाय बड़े 3-BHK अपार्टमेंट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं। हाइब्रिड वर्क कल्चर और बदलती जरूरतों के कारण घरों का बजट अब ₹90 लाख से ₹1.5 करोड़ के बीच पहुंच गया है।

चेन्नई का आवासीय रियल एस्टेट मार्केट तेजी से बदल रहा है। जहां पहले कॉम्पैक्ट 2-BHK अपार्टमेंट्स का बोलबाला था, वहीं अब ट्रेंड बदल चुका है। नए आंकड़ों के मुताबिक, 53% खरीदार अब 3-BHK यूनिट्स की तलाश में हैं, जिससे चेन्नई का मार्केट भी दिल्ली-NCR जैसे मेट्रो शहरों की राह पर चल पड़ा है।

बड़े घरों की बढ़ती डिमांड

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण वर्क कल्चर में आया बदलाव है। हाइब्रिड वर्क के कारण घर में अलग ऑफिस या स्टडी स्पेस की जरूरत अनिवार्य हो गई है। इसका सीधा असर फ्लैट्स के आकार पर भी पड़ा है। साल 2022 में जहां औसत फ्लैट 1,200 वर्ग फुट का होता था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 1,500 वर्ग फुट तक पहुंच गया है।

बजट और डिजाइन की चुनौती

बड़ी यूनिट्स का मतलब है बड़ा बजट। फिलहाल खरीदारों की पसंद ₹90 लाख से लेकर ₹1.5 करोड़ के बीच सिमट रही है। इसे अफोर्डेबल बनाए रखने के लिए डेवलपर्स अब अपनी डिजाइनिंग स्ट्रैटेजी बदल रहे हैं। वे 'कॉम्पैक्ट 3-BHK' फॉर्मेट ला रहे हैं, जिसमें घरों के लेआउट को बेहतर बनाकर जगह का सही इस्तेमाल किया जा रहा है, जैसे 3 के बजाय केवल 2 बाथरूम का इस्तेमाल करना।

निवेशकों के लिए जोखिम (Key Risks)

बढ़ते साइज के साथ ईएमआई (EMI) का बोझ भी बढ़ रहा है। यदि ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या इनकम ग्रोथ धीमी पड़ती है, तो डिमांड पर असर पड़ सकता है। निवेशकों को यह नजर रखनी चाहिए कि क्या प्रीमियम 3-BHK यूनिट्स की मांग लंबे समय तक बनी रहेगी, क्योंकि भारी सप्लाई आने पर कीमतों पर दबाव भी देखने को मिल सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.