Chalet Hotels Share Price: पहली तिमाही में मुनाफा **58%** गिरा, पर इन सेगमेंट्स में दिखी ग्रोथ!

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AuthorAditya Rao|Published at:
Chalet Hotels Share Price: पहली तिमाही में मुनाफा **58%** गिरा, पर इन सेगमेंट्स में दिखी ग्रोथ!

Chalet Hotels ने Q1 FY27 के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **57.6%** गिरकर **₹86 करोड़** पर आ गया है। कुल रेवेन्यू में भी **42.7%** की गिरावट देखी गई। हालांकि, कंपनी के हॉस्पिटैलिटी और कमर्शियल रियल एस्टेट सेगमेंट ने अच्छी ग्रोथ दिखाई है।

Q1 FY27 में Chalet Hotels के नतीजे

Chalet Hotels Ltd ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹86 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹203 करोड़ था। यह 57.6% की बड़ी गिरावट है। इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू भी 42.7% घटकर ₹512.2 करोड़ रहा।

कोर परफॉर्मेंस और मार्जिन ट्रेंड्स

हालांकि, कुल मुनाफे के आंकड़े कमजोर दिख रहे हैं, लेकिन अगर रेजिडेंशियल रियल एस्टेट सेगमेंट को अलग कर दिया जाए, तो कंपनी का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस काफी बेहतर है। कंपनी की हॉस्पिटैलिटी और कमर्शियल प्रॉपर्टीज से होने वाली आय में 10% की सालाना बढ़ोतरी हुई और यह ₹514 करोड़ पर पहुंच गई। इन कोर सेगमेंट्स में ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) 15% बढ़कर ₹240 करोड़ हो गया, और मार्जिन बढ़कर 46.7% हो गया। इससे पता चलता है कि मुनाफे में गिरावट मुख्य रूप से रेजिडेंशियल बिजनेस के समय या उसकी प्रकृति के कारण हुई है, न कि होटल और ऑफिस लीजिंग जैसे मुख्य व्यवसायों में कोई बड़ी समस्या है।

सेगमेंट ग्रोथ और भविष्य की योजनाएं

हॉस्पिटैलिटी डिवीजन कंपनी का मुख्य फोकस बना हुआ है, जिसकी रेवेन्यू में 9% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹418.5 करोड़ पर पहुंच गया। इस सेगमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण मीट्रिक, रेवेन्यू पर उपलब्ध रूम (RevPAR), 6% बढ़कर ₹8,582 रहा, जो होटल में ठहरने की मांग में स्थिरता को दर्शाता है। इसी तरह, कमर्शियल रियल एस्टेट का कारोबार 18% बढ़कर ₹86.5 करोड़ हो गया, जिसका मुख्य कारण बेंगलुरु में 91% का उच्च ऑक्यूपेंसी रेट और नई लीजिंग एक्टिविटी रही।

निवेशक अब कंपनी की भविष्य की परियोजनाओं पर नजरें टिकाए हुए हैं ताकि इस गति को बनाए रखा जा सके। मुंबई के पवई में CIGNUS® II प्रोजेक्ट पूरा होने वाला है, जिससे FY27 के अंत तक कंपनी का कमर्शियल फुटप्रिंट बढ़ सकता है। इसके अलावा, दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर स्थित ताज होटल का आंशिक उद्घाटन वित्तीय वर्ष की आखिरी तिमाही में अपेक्षित है। हैदराबाद में रिट्ज कार्लटन और ऐरोली में हयात रीजेंसी का निर्माण भी प्रगति पर है।

जोखिम और बाजार का संदर्भ

हालांकि कंपनी मजबूत घरेलू यात्रा को एक सहायक कारक बता रही है, लेकिन हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अभी भी मैक्रोइकोनॉमिक बदलावों और भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति संवेदनशील है जो बिजनेस ट्रैवल को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी एक साथ कई बड़ी कैपिटल प्रोजेक्ट्स का प्रबंधन कर रही है। शेयरधारकों के लिए जोखिम यह है कि इन परियोजनाओं के निर्माण के अंतिम चरणों में देरी या लागत में वृद्धि हो सकती है। आने वाली तिमाहियों में मैनेजमेंट की क्षमता, अपने कमर्शियल पोर्टफोलियो में उच्च ऑक्यूपेंसी बनाए रखने और नए होटल एसेट्स को सफलतापूर्वक चालू करने में, मुख्य देखने लायक चीजें होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.