Capital Infra Trust के Q3 FY26 के अनऑडिटेड नतीजे सामने आए हैं, जो एक मिली-जुली तस्वीर पेश कर रहे हैं। एक तरफ जहां कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में जोरदार ग्रोथ दिखी, वहीं दूसरी तरफ कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में भारी गिरावट ने चिंता बढ़ा दी है।
Standalnoe परफॉरमेंस (Standalone Performance):
Standalnoe लेवल पर, Capital Infra Trust का रेवेन्यू Q3 FY26 में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 25.7% बढ़कर ₹1,278.15 मिलियन पर पहुंच गया। वहीं, 9 महीने (9M FY26) के लिए रेवेन्यू 30.6% बढ़कर ₹5,277.22 मिलियन रहा। लेकिन, स्टैंडअलोन प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q3 FY26 में 52.3% गिरकर ₹357.08 मिलियन रह गया। इसकी मुख्य वजह ₹496.11 मिलियन का एक असाधारण इंपेयरमेंट लॉस (impairment loss) था। हालांकि, 9M FY26 के लिए स्टैंडअलोन PAT पिछले साल के ₹769.16 मिलियन के घाटे से सुधरकर ₹324.66 मिलियन के प्रॉफिट में आ गया।
कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस और प्रॉफिटेबिलिटी (Consolidated Performance & Profitability):
दूसरी ओर, कंसोलिडेटेड परफॉरमेंस ज्यादा चिंताजनक है। Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11.7% बढ़कर ₹1,777.19 मिलियन रहा, जो मुख्य रूप से नौ SPVs (स्पेशल पर्पस व्हीकल) के अधिग्रहण के कारण हुआ। 9M FY26 के लिए कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में तो 219.4% की विस्फोटक ग्रोथ देखी गई और यह ₹5,451.97 मिलियन पर पहुंच गया। मगर, इसी अवधि में कंसोलिडेटेड PAT में भारी सेंध लगी और यह 86.3% गिरकर सिर्फ ₹107.58 मिलियन रह गया। सबसे चिंता की बात यह है कि कंसोलिडेटेड EBITDA मार्जिन में भारी गिरावट आई, जो Q3 FY25 के 75.57% से घटकर Q3 FY26 में 26.92% रह गया। 9M FY26 का कंसोलिडेटेड PAT ₹154.68 मिलियन रहा, जो पिछले साल के ₹373.10 मिलियन के घाटे से बेहतर है।
बैलेंस शीट और डेट (Balance Sheet & Debt):
कंपनी के बैलेंस शीट पर नजर डालें तो, SPV अधिग्रहण के चलते 31 दिसंबर 2025 तक टोटल InvIT एसेट्स बढ़कर ₹64,583.63 मिलियन हो गए, जो 31 मार्च 2025 को ₹43,943.93 मिलियन थे। नेट बोरिंग्स (net borrowings) बढ़कर ₹27,988.92 मिलियन हो गईं। हालांकि, कैश और कैश इक्विवेलेंट्स (cash and cash equivalents) बढ़कर ₹9,387.30 मिलियन हो गए, जिससे लिक्विडिटी (liquidity) बेहतर हुई। नेट वर्थ (net worth) में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई और यह ₹33,809.47 मिलियन पर पहुंच गया। कंसोलिडेटेड डेट-टू-इक्विटी रेशियो सुधरकर 1.09x हुआ। लेकिन, कंसोलिडेटेड डेट सर्विस और इंटरेस्ट सर्विस कवरेज रेशियो में भारी गिरावट देखी गई, जो ऑपरेशंस से कर्ज चुकाने की क्षमता में कमी का संकेत देता है। नेट बोरिंग रेशियो 43.34% रहा, जो रेगुलेटरी लिमिट 49% के अंदर है।
मैनेजमेंट और आउटलुक (Management & Outlook):
हालांकि मैनेजमेंट की ओर से सीधे तौर पर कोई कमेंट्री या कॉन्फ्रेंस कॉल की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन अधिग्रहण के बाद कंसोलिडेटेड प्रॉफिटेबिलिटी और मार्जिन में आई भारी गिरावट, साथ ही डेट कवरेज रेशियो में आई कमी, चिंता का विषय है। निवेशक अब नए एक्वायर किए गए SPVs के इंटीग्रेशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर बारीकी से नजर रखेंगे। ऐसे में, CEO के इस्तीफे और नए CEO की नियुक्ति से नेतृत्व में भी अनिश्चितता का एक दौर आ गया है।
मुख्य जोखिम यह है कि क्या कंपनी अपनी इनऑर्गेनिक ग्रोथ स्ट्रैटेजी को सस्टेनेबल और प्रॉफिटेबल कंसोलिडेटेड ऑपरेशन्स में बदल पाएगी। मार्जिन में भारी कमी और कवरेज रेशियो का गिरना तत्काल ध्यान देने की मांग करता है। निवेशकों को एक्वायर किए गए SPVs के परफॉरमेंस पर नजर रखनी होगी और मैनेजमेंट की रणनीति पर गौर करना होगा कि कैसे आने वाली तिमाहियों में कंसोलिडेटेड प्रॉफिटेबिलिटी और डेट सर्विसिंग कैपेसिटी में सुधार किया जाए। Q3 FY26 के लिए ₹1.45 प्रति यूनिट और Q4 FY26 के लिए ₹0.89 प्रति यूनिट के अंतरिम डिस्ट्रिब्यूशन (interim distributions) से शेयरधारकों को कुछ तत्काल रिटर्न मिल सकता है, लेकिन अंतर्निहित कंसोलिडेटेड ऑपरेशनल हेल्थ सबसे महत्वपूर्ण है।
