Budget 2026: घर खरीदारों के लिए खुशखबरी? होम लोन टैक्स बेनिफिट्स पर आई बड़ी क्लैरिफिकेशन

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AuthorNeha Patil|Published at:
Budget 2026: घर खरीदारों के लिए खुशखबरी? होम लोन टैक्स बेनिफिट्स पर आई बड़ी क्लैरिफिकेशन
Overview

बजट 2026 में अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टीज़ पर होम लोन के इंटरेस्ट पर मिलने वाले टैक्स बेनिफिट्स को लेकर एक बड़ी क्लैरिफिकेशन (Clarification) आई है। नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत, प्रॉपर्टी मिलने से पहले चुकाए जाने वाले इंटरेस्ट पर टैक्स छूट का मौजूदा सिस्टम बना रहेगा।

नए टैक्स कानून में आई बड़ी अनिश्चितता खत्म

1 अप्रैल से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 में एक बड़ी अनिश्चितता थी कि क्या कंस्ट्रक्शन फेज के दौरान होम लोन पर चुकाए गए इंटरेस्ट को टैक्स डिडक्शन (Deduction) का फायदा मिलेगा या नहीं। अब बजट 2026 में इस पर सरकार ने साफ कर दिया है। प्रस्ताव है कि "प्री-पीरियड इंटरेस्ट" पर टैक्स छूट का फायदा मिलता रहेगा, जैसा कि इनकम टैक्स एक्ट 1961 में पहले से चला आ रहा है।

मौजूदा डिडक्शन का तरीका

वर्तमान में, जो लोग प्रॉपर्टी खरीदने या कंस्ट्रक्शन पूरा होने से पहले होम लोन का इंटरेस्ट चुकाते हैं, वे इसका डिडक्शन ले सकते हैं। यह डिडक्शन प्रॉपर्टी मिलने या कंस्ट्रक्शन पूरा होने वाले फाइनेंशियल ईयर से शुरू होकर अगले पांच सालों तक बराबर किश्तों में क्लेम किया जा सकता है। सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टीज़ के लिए सालाना ₹2 लाख की मैक्सिमम लिमिट है, जबकि लेट-आउट प्रॉपर्टीज़ पर यह कैप लागू नहीं होती। इस क्लैरिफिकेशन से कई परिवारों को राहत मिली है, खासकर बड़े शहरों में जिन्होंने कंस्ट्रक्शन के तहत फ्लैट बुक करवाए हैं।

एक्सपर्ट्स की चिंताएं

हालांकि, यह क्लैरिफिकेशन सिर्फ मौजूदा नियमों को जारी रखने जैसा है, इसमें कोई नया या अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट नहीं दिया गया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि मूल समस्या जस की तस बनी हुई है - यानी टैक्स बेनिफिट का फायदा प्रॉपर्टी मिलने में देरी होने तक टलता रहता है। जो लोग सालों तक इंटरेस्ट भरते रहते हैं, उन्हें टैक्स छूट भी उसी हिसाब से लेट मिलती है। इससे भी बड़ी बात यह है कि अगर प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा नहीं होता या अटक जाता है, तो टैक्सपेयर्स को यह बेनिफिट मिल ही नहीं पाएगा।"

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