भारत के ग्रोथ पर बड़ा भरोसा
Brookfield Asset Management भारत को लंबी अवधि के लिए एक बेहद मजबूत ग्रोथ मार्केट के तौर पर देख रहा है। कंपनी का मानना है कि मौजूदा शॉर्ट-टर्म मार्केट की उथल-पुथल निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर है, जो धैर्य रखकर बड़ी और टिकाऊ कंपनियां बना सकते हैं। Ankur Gupta, जो कंपनी के डिप्टी ग्लोबल चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर हैं, ने कहा कि अस्थिर बाजार असल में मजबूत कारोबार बनाने का मौका देते हैं।
$100 अरब AUM का टारगेट हुआ तेज
Brookfield का लक्ष्य 2030 तक भारत में $100 अरब का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) हासिल करना है। Ankur Gupta को पूरा भरोसा है कि कंपनी इस बड़े लक्ष्य को तय समय सीमा से काफी पहले ही पूरा कर लेगी। उन्होंने इस तेज़ी का श्रेय भारत में Brookfield के मौजूदा व्यवसायों के विकास और विस्तार को दिया है।
अलग-अलग सेक्टरों में निवेश की रणनीति
कंपनी की भारत में निवेश की रणनीति काफी व्यापक है। इसमें फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर गुड्स, कंस्ट्रक्शन, टेक्नोलॉजी और अन्य सर्विस सेक्टर शामिल हैं। इस डाइवर्सिफिकेशन (Diversification) से Brookfield को ग्रोथ के कई सोर्स मिलते हैं, जो इसे उन बाजारों के मुकाबले बढ़त देता है जहां सिर्फ कुछ ही सेक्टर पर फोकस होता है। यह फ्लेक्सिबिलिटी (flexibility) कंपनी को आर्थिक बदलावों के साथ तालमेल बिठाने और भारत की अर्थव्यवस्था में हर मौके का फायदा उठाने में मदद करती है।
ग्लोबल सेंटर्स में टैलेंट की डिमांड
Brookfield ने भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में बड़ा निवेश किया है। AI के बढ़ते असर के बावजूद, इन सेंटर्स की मांग अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है। Gupta के मुताबिक, ग्लोबल कंपनियां आज भी भारत की स्किल्ड वर्कफोर्स (skilled workforce) और एफिशिएंट ऑपरेशन्स (efficient operations) के कारण यहां अपने सेंटर बढ़ा रही हैं। AI काम करने के तरीके बदल रहा है, लेकिन कंपनियां भारत में सेंटर स्थापित करने में आगे बढ़ रही हैं, जो टेक्नोलॉजी के ज़रिए दुनिया से जुड़े हुए हैं।