दमदार नतीजे और विस्तार की बड़ी योजना
Brigade Hotel Ventures Limited ने Q3 FY'26 में अपनी शानदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस का प्रदर्शन किया है।
कंपनी की कुल आय (Total Income) पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 14% बढ़कर ₹143 करोड़ हो गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से एवरेज रूम रेट (ARR) और रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (RevPAR) में 17% के उछाल के कारण हुई।
प्रॉफिट की बात करें तो, EBITDA में 17% का जोरदार इजाफा देखने को मिला, जो ₹51 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) तो 126% की छलांग लगाकर ₹22 करोड़ पर पहुंच गया।
नौ महीनों का प्रदर्शन और एक बार के खर्च
इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (Nine-Month period) की बात करें तो, कंपनी की कंसोलिडेटेड इनकम 19% बढ़कर ₹398 करोड़ रही। इस दौरान EBITDA में 17% की ग्रोथ के साथ यह ₹135 करोड़ रहा, जबकि PAT में 273% का जबरदस्त उछाल देखकर ₹40 करोड़ दर्ज किया गया।
कंपनी ने यह भी बताया कि नौ महीनों के EBITDA पर ₹6 करोड़ के अतिरिक्त प्रॉपर्टी टैक्स खर्च का असर पड़ा। साथ ही, नए GST 2.0 नियम के कारण इनपुट टैक्स क्रेडिट (Input Tax Credit) में रिवर्सल की वजह से Q3 EBITDA मार्जिन पर 1.6% का असर पड़ा है, जिसके अगले कुछ समय तक बने रहने की उम्मीद है जब तक कि प्रति कमरा किराया ₹7,500 से ऊपर न चला जाए।
ग्रोथ के ड्राइवर और मैनेजमेंट का भरोसा
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि पोर्टफोलियो में ऑक्यूपेंसी (Occupancy) 76.1% पर स्थिर बनी हुई है। बेंगलुरु (Bangalore) में ARR/RevPAR में 19% की शानदार वृद्धि देखी गई, वहीं गिफ्ट सिटी (GIFT City) के ग्रैंड मर्क्योर (Grand Mercure) में ARR/RevPAR में क्रमशः 21% और 24% की वृद्धि हुई। कंपनी लागत दक्षता (Cost efficiency) पर भी लगातार ध्यान दे रही है, जिसमें यूटिलिटीज (Utilities) ऑपरेटिंग रेवेन्यू का सिर्फ 5% हैं और 66% रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable energy) का उपयोग हो रहा है।
मैनेजमेंट को भरोसा है कि वे रूम्स और F&B सेगमेंट दोनों में मिड-टू-हाई टीन्स (mid-to-high teens) की ग्रोथ बनाए रखेंगे। बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख बाजारों में मजबूत डिमांड (Demand) और फेवरेबल डिमांड-सप्लाई डायनामिक्स (Favorable demand-supply dynamics) को वे ग्रोथ के मुख्य कारक बता रहे हैं।
विस्तार की महत्वाकांक्षी योजना
आगे बढ़ते हुए, Brigade Hotel Ventures ने अपने पोर्टफोलियो को लगभग दोगुना करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। कंपनी अगले पांच सालों में 1,700 नए कमरे जोड़ेगी, जिससे FY'30 तक कुल कमरों की संख्या 3,300 हो जाएगी। इस बड़े विस्तार के लिए ₹3,600 करोड़ के भारी निवेश का अनुमान है।
डेवलपमेंट पाइपलाइन (Development pipeline) में लग्जरी, अपर अपस्केल (Upper upscale) और अपस्केल सेगमेंट में नौ नए होटल शामिल हैं। चेन्नई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में 45 कमरों वाला Courtyard by Marriott FY'27 तक ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
कंपनी के पास ₹132 करोड़ की नेट कैश पोजीशन (Net cash position) है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि पीक कैपेक्स फेज (Peak capex phase) (FY'29-FY'30) के दौरान डेट-टू-EBITDA रेश्यो (Debt-to-EBITDA ratio) 4x-4.5x तक जा सकता है, लेकिन डेट सर्विस कवरेज रेश्यो (Debt Service Coverage Ratio - DSCR) 4x के स्वस्थ स्तर पर बना रहेगा।
इस विस्तार योजना के साथ, कंपनी को GST 2.0 के EBITDA मार्जिन पर पड़ने वाले प्रभाव, बड़े पैमाने पर विस्तार से जुड़े एग्जीक्यूशन रिस्क (Execution risks) और आने वाले वर्षों में बढ़ने वाले डेट लेवल्स (Debt levels) जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।