Blackstone की बंगाल में नई चाल: रियल एस्टेट और हेल्थकेयर में निवेश की तलाश

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AuthorMehul Desai|Published at:
Blackstone की बंगाल में नई चाल: रियल एस्टेट और हेल्थकेयर में निवेश की तलाश

दुनिया की दिग्गज इन्वेस्टमेंट फर्म Blackstone अब पश्चिम बंगाल में नए अवसरों की तलाश कर रही है। कंपनी रियल एस्टेट और हेल्थकेयर प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है। हाल ही में, फर्म ने राज्य के अधिकारियों और स्थानीय उद्योग जगत के नेताओं के साथ बड़े निवेशों पर चर्चा की है। इससे पहले Blackstone ने कोलकाता के एक बड़े मॉल में **₹3,250 करोड़** से ज्यादा का निवेश किया था, जो इस क्षेत्र में संस्थागत रुचि बढ़ने का संकेत देता है।

कोलकाता में अहम बैठकें

दुनिया की जानी-मानी एसेट मैनेजमेंट कंपनी Blackstone पश्चिम बंगाल में निवेश के नए रास्ते तलाश रही है। इससे राज्य के रियल एस्टेट और हेल्थकेयर सेक्टर में कंपनी की मौजूदगी बढ़ सकती है। Blackstone सिंगापुर के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन गौतम बनर्जी के नेतृत्व में एक हाई-लेवल टीम हाल ही में कोलकाता में राज्य के अधिकारियों और बड़े स्थानीय बिजनेसमैन से मिली।

यह बैठक वेस्ट बंगाल इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (WBIDC) के ऑफिस में हुई, जिसमें उद्योग मंत्री तापस रॉय और सरकार के कई सीनियर सलाहकार भी शामिल हुए। इस मौके पर हॉस्पिटैलिटी, एविएशन और प्रॉपर्टी डेवलपमेंट जैसे सेक्टर के स्थानीय प्रतिनिधियों ने Blackstone के सामने अपने प्रोजेक्ट्स रखे। Blackstone, जिसका ग्लोबल पोर्टफोलियो $1.3 ट्रिलियन से ज्यादा का है, बड़े ऐसे प्रोजेक्ट्स की तलाश में है जहाँ उसका निवेश $100 मिलियन यानी करीब ₹1,000 करोड़ के आसपास हो सके।

रियल एस्टेट पर पॉलिसी बदलाव का असर

पहले पश्चिम बंगाल में रियल एस्टेट डेवलपमेंट के रास्ते में अर्बन लैंड सीलिंग एक्ट जैसी बाधाएं थीं, जो कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन की लिमिट तय करती थीं। निवेशक अक्सर राज्य के मार्केट की तुलना दूसरे बड़े शहरों से करते थे, जहाँ ऐसे नियम पहले ही बदल दिए गए थे। लेकिन हाल ही में अर्बन लैंड सीलिंग एक्ट को खत्म करने और राज्य सरकार की नई इंडस्ट्री और इंसेंटिव पॉलिसी के आने के बाद हालात बदले हैं। इन बदलावों का मकसद जमीन के इस्तेमाल को आसान बनाना और बड़े प्राइवेट फंड्स को आकर्षित करना है।

निवेशक का पिछला अनुभव

Blackstone पश्चिम बंगाल के मार्केट से वाकिफ है। पिछले साल कंपनी ने कोलकाता के साउथ सिटी मॉल को ₹3,250 करोड़ से ज्यादा में खरीदा था। इस डील से यह साफ हुआ था कि कंपनी अच्छी क्वालिटी वाली, इनकम देने वाली कमर्शियल प्रॉपर्टीज में दिलचस्पी रखती है। आमतौर पर, Blackstone 5 से 7 साल तक के लंबे समय के लिए निवेश रखती है ताकि ऑपरेशनल सुधारों या मार्केट में वैल्यू बढ़ने से फायदा उठा सके। हालांकि अभी यह शुरुआती दौर है, लेकिन हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी में इसकी रुचि दिखाती है कि कंपनी सिर्फ रियल एस्टेट से आगे बढ़कर राज्य की बढ़ती अर्बन सर्विसेज की डिमांड का फायदा उठाना चाहती है।

निवेशक आगे की घोषणाओं या फाइनल डील्स पर नजर रख सकते हैं। यह देखना अहम होगा कि ये हाई-लेवल मीटिंग्स प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग या एक्विजिशन डील्स में कैसे बदलती हैं, क्योंकि कंपनी बेहतर रेगुलेटरी माहौल और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन टाइमलाइन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.