Bengaluru Property Prices: बेंगलुरु में घरों के दाम **24%** चढ़े, आम आदमी की पहुंची पहुंच से बाहर

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AuthorNeha Patil|Published at:
Bengaluru Property Prices: बेंगलुरु में घरों के दाम **24%** चढ़े, आम आदमी की पहुंची पहुंच से बाहर

बेंगलुरु में घरों के दाम साल-दर-साल **24%** बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। ₹1.8 करोड़ तक के 2BHK यूनिट्स और ₹1 लाख से ऊपर की EMI के साथ, घर खरीदना अब बड़ी चुनौती बन गया है।

बेंगलुरु प्रॉपर्टी मार्केट में भूचाल!

बेंगलुरु में घर खरीदना अब आम आदमी के लिए एक दूर का सपना बनता जा रहा है। हालिया मार्केट डेटा के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले 24% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह उछाल देश के अन्य प्रमुख शहरों से कहीं ज़्यादा है।

₹1.8 करोड़ तक पहुंची 2BHK की कीमत!

शहर के पॉश इलाकों में एक स्टैंडर्ड 2BHK अपार्टमेंट की कीमत अब ₹1.4 करोड़ से लेकर ₹1.8 करोड़ के बीच है। प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रॉपर्टी की कीमतों में यह बढ़ोतरी लोगों की आमदनी में हुई वृद्धि से कहीं ज़्यादा है। ऐसे में, मिड-लेवल प्रोफेशनल के लिए बेंगलुरु के प्राइम लोकेशन में घर खरीदना एक मुश्किल लक्ष्य बन गया है।

EMI का बोझ ₹1 लाख के पार

इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर खरीदारों की EMI पर पड़ रहा है। ₹1.4 करोड़ से ₹1.8 करोड़ के घर के लिए हर महीने ₹80,000 से ₹1.1 लाख तक की EMI चुकानी पड़ रही है। यह रकम कई लोगों की टेक-होम सैलरी का एक बड़ा हिस्सा खा जाती है, जिससे दूसरी जरूरतों और बचत के लिए बहुत कम पैसा बचता है। प्रॉपर्टी की बढ़ती कीमतों और आमदनी के बीच इस बड़े अंतर ने बेंगलुरु के रियल एस्टेट मार्केट की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

डिमांड का सपोर्ट और इंफ्रा का साथ?

हालांकि, बेंगलुरु में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की डिमांड अभी भी मजबूत बनी हुई है। इसका मुख्य कारण शहर का मजबूत IT सेक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का लगातार बढ़ना है। इसके अलावा, मेट्रो के विस्तार जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स भी प्रॉपर्टी की कीमतों को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

क्या हैं मुख्य रिस्क?

बढ़ती कीमतों के साथ-साथ कुछ बड़े रिस्क भी सामने आ रहे हैं। खरीदार इस बात को लेकर चिंतित हैं कि शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर इस तेज रफ्तार अर्बनाइजेशन के साथ तालमेल बिठा पाएगा या नहीं। खासकर, नए और महंगे इलाकों में पानी की कमी और मैनेजमेंट की समस्याएं तेजी से हो रहे विकास की सीमाओं को दर्शाती हैं।

आगे क्या?

अब यह देखना अहम होगा कि प्रॉपर्टी की यह ग्रोथ सिर्फ असली खरीदारों की डिमांड पर टिकी है या इसमें सट्टेबाजी (Speculative Activity) का हाथ है। अगर घरों की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और आम आदमी की पहुंच से बाहर होती गईं, तो प्रॉपर्टी की बिक्री में कमी आ सकती है। आगे यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या प्रॉपर्टी की कीमतों में स्थिरता आती है या फिर डेवलपर्स की ओर से नए प्रोजेक्ट्स और कीमत-संवेदनशील खरीदारों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.