Bengaluru Property Market: रियल एस्टेट की चमक फीकी, प्रॉपर्टी ग्रोथ घटकर **3.8%** पर आई

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AuthorMehul Desai|Published at:
Bengaluru Property Market: रियल एस्टेट की चमक फीकी, प्रॉपर्टी ग्रोथ घटकर **3.8%** पर आई

बेंगलुरु के लग्जरी रियल एस्टेट मार्केट की रफ्तार धीमी पड़ गई है। साल **2025** में जहां प्रॉपर्टी की कीमतें **9%** की दर से बढ़ रही थीं, वहीं **2026** के मध्य तक यह घटकर मात्र **3.8%** रह गई हैं।

टेक सेक्टर और रियल एस्टेट का 'डबल रिस्क'

बेंगलुरु का रियल एस्टेट मार्केट लंबे समय से टेक सेक्टर की कमाई पर निर्भर रहा है। कई टेक प्रोफेशनल्स ने ESOPs और RSUs से मिलने वाली मोटी रकम का इस्तेमाल लग्जरी घर खरीदने के लिए किया था। हालांकि, अब 'ड्यूअल कॉन्सेंट्रेशन' (Dual Concentration) का खतरा बढ़ गया है। अगर किसी व्यक्ति की नौकरी और संपत्ति दोनों ही AI या सेमीकंडक्टर जैसे एक ही सेक्टर पर निर्भर हैं, तो बाजार की सुस्ती से उनके लिए बड़ा वित्तीय संकट खड़ा हो सकता है।

निवेशकों के लिए बढ़ती मुश्किलें

निवेशकों के लिए गणित अब पहले जैसा आसान नहीं रहा। शहरों में रेंटल यील्ड (Rental Yield) अभी केवल 2% से 3% के बीच है। इसका मतलब है कि निवेशकों को अपनी सैलरी का पैसा प्रॉपर्टी की ईएमआई और मेंटेनेंस में लगाना पड़ रहा है, जिसे 'नेगेटिव कैरी' कहा जाता है। कर्नाटक रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (K-RERA) के पास लंबित प्रोजेक्ट्स की शिकायतों ने भी खरीदारों को अब सतर्क कर दिया है।

आगे क्या उम्मीद करें?

भले ही ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की विस्तार योजनाएं मांग को सहारा दे रही हैं, लेकिन तेजी से दाम बढ़ने का दौर अब खत्म होता दिख रहा है। अब निवेशक उन प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जहां इंफ्रास्ट्रक्चर की कनेक्टिविटी बेहतर है और डेवलपर का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत है। आने वाले समय में प्रोजेक्ट डिलीवरी की समय-सीमा और नई लॉन्चिंग में ऑक्यूपेंसी रेट्स पर नज़र रखना जरूरी होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.