Bajaj Alternate Investment Management ने अपने पहले कमर्शियल रियल एस्टेट फंड के लिए **₹950 करोड़** जुटा लिए हैं। कंपनी का लक्ष्य कुल **₹2,000 करोड़** जुटाने का है और अब वे डेट-आधारित मॉडल से हटकर इक्विटी-लेड स्ट्रेटेजी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
इक्विटी-लेड डेवलपमेंट पर जोर
Bajaj Finserv की निवेश शाखा, Bajaj Alternate Investment Management ने अपने पहले रियल एस्टेट फंड 'Bajaj Alts Real Estate - Growth Fund I' के लिए ₹950 करोड़ का शुरुआती फंड जुटा लिया है। कंपनी की योजना कुल ₹2,000 करोड़ (ग्रीन शू ऑप्शन सहित) जुटाने की है।
पारंपरिक तौर पर, भारत में ज्यादातर रियल एस्टेट फंड्स डेट फाइनेंसिंग या तैयार संपत्तियों को खरीदने पर जोर देते थे। लेकिन, यह फंड एक अलग रास्ता अपना रहा है। कंपनी अब स्थापित डेवलपर्स के साथ मिलकर 'ग्रेड-ए' कमर्शियल ऑफिस स्पेस को जमीन से तैयार करने की योजना बना रही है। इस बदलाव के पीछे भारत में बढ़ते Global Capability Centres (GCCs) की मांग है, जिन्हें आधुनिक वर्कस्पेस की सख्त जरूरत है।
निवेशकों को इन रिस्क का रखना होगा ध्यान
यह निवेश एक Alternative Investment Fund (AIF) के रूप में स्ट्रक्चर्ड है, जिसका मतलब है कि इसमें साधारण म्यूचुअल फंड या शेयरों की तुलना में रिस्क ज्यादा और लिक्विडिटी कम होती है। निवेशकों को यह समझना होगा कि उनका पैसा कई सालों के लिए लॉक हो सकता है।
इसके अलावा, निर्माण से जुड़ा रिस्क (Development Risk) भी अहम है। प्रोजेक्ट में देरी, बढ़ती लागत और बाजार में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। डेट-आधारित निवेशों के विपरीत, जहाँ एक फिक्स्ड रिटर्न मिलता है, यह मॉडल पूरी तरह से प्रोजेक्ट के सफल निष्पादन और ऑफिस स्पेस की मांग पर टिका है।
आगे की राह
मैनेजमेंट फिलहाल भारत के प्रमुख शहरी बाजारों में अवसरों की तलाश कर रहा है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी सही डेवलपर्स को कैसे चुनती है और प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में कैसे पूरा करती है। यह फंड अब तैनाती (Deployment) के दौर में प्रवेश कर रहा है, जो कंपनी के रियल एस्टेट पोर्टफोलियो के भविष्य की दिशा तय करेगा।
