Awfis Space Solutions ने दूसरी तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **92.8%** बढ़कर **₹30.8 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे को-वर्किंग सेगमेंट की मजबूत डिमांड से सपोर्ट मिला है।
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में शानदार प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 92.8% बढ़कर ₹30.8 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग रेवेन्यू 19.6% की छलांग के साथ ₹438.7 करोड़ तक पहुंच गया। इस ग्रोथ में को-वर्किंग डिविजन का बड़ा हाथ रहा, जिसने 31% का रेवेन्यू विस्तार दर्ज किया है।
ऑपरेशनल ग्रोथ और ऑक्यूपेंसी
कंपनी अब 18 शहरों में 254 सेंटर्स का संचालन कर रही है, जिसकी कुल क्षमता लगभग 174,000 सीट्स की है। पोर्टफोलियो ऑक्यूपेंसी 76.2% दर्ज की गई है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 230 बेसिस पॉइंट्स बेहतर है। खास बात यह है कि जो सेंटर्स 12 महीने से ज्यादा पुराने हैं, उनमें ऑक्यूपेंसी 84.1% तक है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) कंपनी के लिए कमाई का मुख्य जरिया बने हुए हैं, जो कुल रेंटल रेवेन्यू का 24% हिस्सा हैं।
फाइनेंशियल आउटलुक और कॉर्पोरेट अड़चनें
कंपनी का EBITDA 31% बढ़कर ₹174 करोड़ रहा, वहीं कैश EBITDA 45% उछलकर ₹49 करोड़ दर्ज किया गया। कैश EBITDA मार्जिन 9.4% से बढ़कर 10.8% हो गया है। मैनेजमेंट ने पूरे साल के लिए कैश EBITDA गाइडेंस को ₹190 करोड़ से ₹200 करोड़ के बीच बरकरार रखा है।
हालांकि, एक बड़ी चुनौती भी सामने आई है। कंपनी ने अपने 'डिजाइन एंड बिल्ड' बिजनेस को अपनी सब्सिडियरी, 'Awfis Transform Private Limited' में ट्रांसफर करने की योजना को फिलहाल टाल दिया है। इस पर प्रक्रियात्मक (procedural) बाधाओं के कारण देरी हुई है, जिसे मैनेजमेंट अगले साल तक सुलझाने की उम्मीद कर रहा है। अच्छे नतीजों के बावजूद, मार्केट में चल रही उथल-पुथल का असर शेयर पर भी दिख रहा है, जहां निवेशक अब कंपनी के एक्सपेंशन और रीस्ट्रक्चरिंग अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।
