ग्लोबल स्ट्रेटेजी और रियल एस्टेट बूम का फायदा
यह कदम AstraZeneca PLC की ग्लोबल ऑपरेशनल एसेट्स की स्ट्रेटेजिक रिव्यू का हिस्सा है और भारत के तेजी से बढ़ते प्रॉपर्टी मार्केट का फायदा उठा रहा है। बढ़ती ज़मीन की कीमतों के बीच कंपनियां गैर-ज़रूरी साइट्स को बेचकर फंड जुटा रही हैं। भारतीय सब्सिडियरी का वैल्यूएशन इसके ग्लोबल पैरेंट से काफी अलग है।
प्राइम ज़मीन पर डेवलपर्स की नजर
कंपनी की 64 एकड़ की प्राइम प्रॉपर्टी से लगभग ₹3,400 करोड़ जुटाने का लक्ष्य है, जिससे प्रति एकड़ कीमत ₹53 करोड़ से ज़्यादा आंकी जा रही है। Sattva Group, Aurobindo Pharma और RMZ जैसे बड़े डेवलपर्स इस डील में रुचि दिखा रहे हैं। पिछली बार ऊंची कीमत की वजह से बात नहीं बन पाई थी, लेकिन मौजूदा मार्केट कंडीशंस डील के लिए ज़्यादा मुफीद लग रही हैं।
वैल्यूएशन में बड़ा अंतर
पेरेंट कंपनी AstraZeneca PLC का मार्केट कैप £236 बिलियन से ज़्यादा है और इसका P/E रेश्यो लगभग 30-34 है। वहीं, AstraZeneca Pharma India का P/E रेश्यो 96.5 से 104.01 के बीच है और मार्केट कैप करीब ₹20,077 करोड़ है।
बेंगलुरु प्रॉपर्टी मार्केट में तेजी
बेंगलुरु का प्रॉपर्टी मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, जहाँ 2026 तक रेजिडेंशियल कीमतों में 10-12% की बढ़ोतरी का अनुमान है। डेवलपर्स ज़मीनें खरीद रहे हैं। Sattva Group ने हाल ही में नॉर्थ बेंगलुरु में 8.5 एकड़ का प्लॉट ₹300 करोड़ में खरीदा है।
वैल्यूएशन और मार्केट रिस्क
भारतीय सब्सिडियरी का 100 से ज़्यादा का P/E रेश्यो, पेरेंट कंपनी के मुकाबले, ओवरवैल्यूएशन का रिस्क दिखाता है, अगर ग्रोथ उम्मीदों पर खरी न उतरी तो। डेवलपर्स द्वारा आक्रामक ज़मीन खरीद से लागत बढ़ सकती है।
आगे की राह
इस बिक्री से AstraZeneca अपने ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित कर सकेगी और भारतीय रियल एस्टेट मार्केट की मौजूदा तेजी का फायदा उठाएगी। डेवलपर्स के लिए यह प्राइम लैंड हासिल करने का एक बड़ा मौका है। फार्मा कंपनियां R&D पर फोकस करने के लिए एसेट्स बेचती रहेंगी।