Ashiana Housing ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए एक बड़ा विस्तार प्लान तैयार किया है। कंपनी भारत भर में जमीन अधिग्रहण के लिए **₹1,000 करोड़** का निवेश करेगी, जिसका फोकस रेजिडेंशियल और सीनियर-लिविंग प्रोजेक्ट्स पर होगा।
आशियाना हाउसिंग का विस्तार प्लान
Ashiana Housing लिमिटेड ने चालू फाइनेंशियल ईयर (FY27) के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया है। कंपनी का लक्ष्य ₹1,000 करोड़ के निवेश से नई जमीनें हासिल करना है। ये सौदे सीधे खरीदारी और लैंड ओनर्स के साथ जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) के जरिए किए जाएंगे। कंपनी मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
सीनियर-लिविंग पर फोकस
कंपनी के बिजनेस मॉडल में 'सीनियर-लिविंग' प्रोजेक्ट्स सबसे अहम हैं। इसमें हेल्थकेयर और कम्युनिटी सुविधाओं का खास ध्यान रखा जाता है। हाल ही में पुणे में कंपनी ने 28.55 एकड़ जमीन खरीदी है, जिस पर 20 लाख स्क्वायर फीट का प्रोजेक्ट तैयार होगा। इसकी रेवेन्यू पोटेंशियल ₹1,800 करोड़ आंकी गई है।
सेल्स टारगेट की चुनौती
कंपनी का लक्ष्य पिछले साल की तरह इस बार भी ₹2,400 करोड़ से ज्यादा की बुकिंग हासिल करना है। हालांकि, पहली तिमाही के नतीजे थोड़े धीमे रहे हैं, जहां बुकिंग ₹358 करोड़ रही, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹431 करोड़ थी। इस अंतर को भरने के लिए अब कंपनी को बाकी तिमाहियों में अपने प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग और सेल्स स्पीड को बढ़ाना होगा।
रियल एस्टेट की चुनौतियां
सेक्टर में डिमांड तो अच्छी है, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। RERA रजिस्ट्रेशन, सरकारी अप्रूवल में देरी, और लेबर की कमी के कारण बढ़ती कंस्ट्रक्शन लागत प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल रही है। इसके अलावा, GST के तहत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का मुद्दा भी डेवलपर्स के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, जिससे किफायती घरों की लागत बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
₹1,000 करोड़ का लैंड बजट कंपनी के भविष्य के लिए एक बड़ा दांव है। निवेशकों को अब कंपनी की लोकेशन सिलेक्शन, प्रोजेक्ट लॉन्चिंग की टाइमिंग और सेल्स की गति पर नजर रखनी चाहिए। कैश रिजर्व का उपयोग करते हुए कंपनी को अपनी फाइनेंशियल अनुशासन भी बनाए रखना होगा।
