Arvind SmartSpaces: जब बुकिंग रिकॉर्ड तोड़े, पर मुनाफा गिर जाए!
Arvind SmartSpaces के नतीजे इस बार मिले-जुले रहे। कंपनी ने 9 महीने (9M FY26) में ₹938 करोड़ की रिकॉर्ड बुकिंग दर्ज की, जो पिछले साल से 5% ज्यादा है। कलेक्शन भी ₹744 करोड़ पर पहुंच गया, यानी 2% का इजाफा।
लेकिन, यही सेल्स परफॉर्मेंस कंपनी के मुनाफे पर हावी नहीं हो सकी। 9M FY26 में रेवेन्यू पिछले साल के ₹550 करोड़ से गिरकर ₹409 करोड़ रह गया। EBITDA में भी ₹152 करोड़ से ₹100 करोड़ की गिरावट आई, और नेट प्रॉफिट (PAT) ₹97 करोड़ से घटकर ₹59 करोड़ हो गया।
यही हाल तीसरी तिमाही (Q3 FY26) का भी रहा। बुकिंग 48% बढ़कर ₹331 करोड़ हुई, कलेक्शन 38% बढ़कर ₹317 करोड़ रहा। पर, रेवेन्यू ₹210 करोड़ से घटकर ₹166 करोड़ हो गया। EBITDA ₹44 करोड़ और PAT ₹29 करोड़ रहा। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) देखें तो रेवेन्यू 16%, EBITDA 30% और PAT 38% बढ़ा है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि रियल एस्टेट में कमाई (रेवेन्यू) तभी गिनी जाती है जब प्रोजेक्ट पूरा हो जाता है, जबकि बुकिंग भविष्य की कमाई का इशारा देती है। इन नतीजों से पता चलता है कि हाल ही में पूरे हुए प्रोजेक्ट्स में मार्जिन कम रहा होगा।
लीडरशिप में बड़ा बदलाव
इसी बीच, कंपनी में एक अहम लीडरशिप बदलाव हुआ है। Priyansh Kapoor ने मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और CEO का पदभार संभाल लिया है। पहले इस पद पर Kamal Singal थे, जो अब स्ट्रेटेजी और इन्वेस्टमेंट्स पर ध्यान देंगे। कंपनी का फोकस अब ऑर्गनाइजेशन को मजबूत करने और एग्जीक्यूशन को बेहतर बनाने पर है।
आगे की राह और ग्रोथ प्लान
Arvind SmartSpaces अपनी 'हाई-कैपिटल एफिशिएंसी' मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने और अच्छे रिटर्न पर जोर है। अगले 4-5 सालों में, वर्टिकल डेवलपमेंट पोर्टफोलियो का 60-70% हिस्सा बन जाएगा। कंपनी ने FY26 के लिए सेल्स टारगेट ₹1600-1700 करोड़ पर बरकरार रखा है और इस साल ₹3500-4000 करोड़ का बिजनेस डेवलपमेंट पोटेंशियल टारगेट किया है। अगले 3-4 सालों में प्री-सेल्स में 25-30% सालाना ग्रोथ का अनुमान है, जिसके लिए ₹700-1000 करोड़ के इन्वेस्टमेंट की योजना है।
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए आउटलुक पॉजिटिव है। कंपनी को अपने ग्रोथ टारगेट्स को हासिल करने का भरोसा है, बशर्ते रेगुलेटरी अप्रूवल समय पर मिलें। कंपनी अहमदाबाद, बेंगलुरु और मुंबई जैसे शहरों में नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने की तैयारी में है।
निवेशकों के लिए चिंताएं और रिस्क
रिकॉर्ड बुकिंग के बावजूद रेवेन्यू और मुनाफे में YoY गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। यह मार्जिन प्रेशर या प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। बेंगलुरु में प्रोजेक्ट अप्रूवल में देरी भी एक रिस्क है। कंपनी ने नए लेबर कोड्स के चलते ₹2.59 करोड़ का प्रोविजन भी किया है।
हाल ही में, पैरेंट ग्रुप Arvind Limited ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति में देरी पर BSE और NSE को ₹8.14 लाख का जुर्माना भरा है। यह सीधा Arvind SmartSpaces से जुड़ा नहीं है, पर ग्रुप के गवर्नेंस पर थोड़ी नजर रखने की जरूरत है।
सेक्टर में कैसा है माहौल?
Q3 FY26 में रियल एस्टेट सेक्टर के नतीजे मिले-जुले रहे। जहां Arvind SmartSpaces ने बुकिंग में रिकॉर्ड बनाया, वहीं Godrej Properties ने 20-23% प्रॉफिट ग्रोथ दिखाई। Prestige Estates Projects का मुनाफा 1100% से ज्यादा बढ़ा, लेकिन Sobha Limited का प्रॉफिट 29% घट गया। यह दर्शाता है कि हर डेवलपर अपनी अलग स्ट्रैटेजी और चुनौतियों से निपट रहा है।