Arihant Superstructures: Q3 में प्रॉफिट 67% गिरा, बढ़ता ब्याज बना सिरदर्द!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Arihant Superstructures: Q3 में प्रॉफिट 67% गिरा, बढ़ता ब्याज बना सिरदर्द!
Overview

Arihant Superstructures Limited (ASL) के लिए तीसरी तिमाही (Q3 FY26) मुश्किलों भरी रही। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू साल-दर-साल **16.4%** घटकर **₹1,260 मिलियन** पर आ गया, वहीं प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में **67.3%** की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह **₹83 मिलियन** रहा।

Q3 के नतीजे: रेवेन्यू में गिरावट, प्रॉफिट पर भारी मार

Arihant Superstructures Limited (ASL) ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जो उम्मीदों से काफी कमजोर रहे। कंपनी के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 16.4% की गिरावट आई और यह ₹1,260 मिलियन रहा, जबकि पिछले साल यह ₹1,508 मिलियन था। इस रेवेन्यू में आई कमी और बढ़ते खर्चों के चलते कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) बुरी तरह पिट गया। Q3 FY26 में PAT 67.3% घटकर केवल ₹83 मिलियन रह गया, जो पिछले साल ₹254 मिलियन था। इसके चलते कंपनी का PAT मार्जिन भी 16.84% से गिरकर 6.59% पर आ गया। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी 77.2% की भारी गिरावट देखी गई, जो ₹5.08 से गिरकर ₹1.16 पर आ गया।

नौ महीने के आंकड़े और लागत का बोझ

अगर हम इस फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9M FY26) के आंकड़ों को देखें, तो तस्वीर थोड़ी मिली-जुली दिखती है। इस अवधि में ASL के ऑपरेटिंग रेवेन्यू में 6.7% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹3,696 मिलियन तक पहुंच गया। EBITDA में भी 17.0% का उछाल आया और यह ₹958 मिलियन रहा, जिससे मार्जिन सुधरकर 25.92% हो गया। हालांकि, नेट लेवल पर प्रॉफिट में गिरावट देखी गई। YTD PAT 21.4% घटकर ₹341 मिलियन रहा, जिसका मुख्य कारण रहा फाइनेंस कॉस्ट में बेतहाशा बढ़ोतरी। कंपनी के ब्याज के खर्चों (Interest Expenses) में Q3 FY26 में ही 94.7% का उछाल आया और यह ₹183 मिलियन पर पहुंच गया। वहीं, नौ महीनों में यह खर्च 96.3% बढ़कर ₹524 मिलियन हो गया। इसी के चलते प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में Q3 FY26 में 66.7% की भारी गिरावट आई।

कर्ज, वर्किंग कैपिटल और कैश फ्लो की चिंता

कंपनी की बैलेंस शीट पर नजर डालें तो नेट डेट ₹8,098 मिलियन है, जबकि नेट वर्थ केवल ₹4,383 मिलियन है। इससे एडजस्टेड सिक्योर नेट डेट/इक्विटी रेशियो 1.03x बनता है। इन्वेंट्री 12.2% बढ़कर ₹8,176 मिलियन हो गई और ट्रेड रिसीवेबल्स भी 13.2% बढ़कर ₹1,288 मिलियन हो गए, जो वर्किंग कैपिटल में बढ़ोतरी का संकेत देते हैं। सबसे बड़ी चिंता का विषय कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो है, जो FY26 की पहली छमाही (H1 FY26) में (₹966) मिलियन यानी निगेटिव रहा। यह स्थिति पिछले कुछ सालों से बनी हुई है।

भविष्य की राह: चुनौतियां और अवसर

निवेशकों के लिए Q3 में प्रॉफिट में आई भारी गिरावट, ब्याज के बढ़ते खर्च और लगातार निगेटिव ऑपरेटिंग कैश फ्लो चिंता का सबब हैं। हालांकि, कंपनी नवी मुंबई में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और लग्जरी सेगमेंट में विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिससे आगे चलकर ग्रोथ की उम्मीद है। कंपनी होटल और स्पोर्ट्स फैसिलिटी जैसे प्रोजेक्ट्स से एन्युटी इनकम (Annuity Income) कमाने की भी योजना बना रही है। लेकिन, इन योजनाओं को सफल बनाने और शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने के लिए ASL को अपने कर्ज को कम करने और कैश फ्लो को सुधारने पर ध्यान देना होगा। निवेशकों को कंपनी के कर्ज घटाने के प्रयासों, कैश फ्लो जनरेशन और नए प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।

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