Arihant Foundations & Housing Limited के बोर्ड ने एक अहम फैसला लेते हुए अपनी ज्वाइंट वेंचर (JV) कंपनी Canopy Living LLP के लिए ₹250 करोड़ की कॉरपोरेट गारंटी (Corporate Guarantee) देने को हरी झंडी दे दी है। यह गारंटी आदित्य बिड़ला कैपिटल से ली जाने वाली ₹400 करोड़ की टर्म लोन फैसिलिटी (Term Loan Facility) को सुरक्षित करने के लिए है।
ये डील Arihant Foundations के लिए एक 'कंटिंजेंट लायबिलिटी' (Contingent Liability) यानी आकस्मिक देनदारी है। इसका मतलब ये हुआ कि अगर JV कंपनी लोन चुकाने में नाकाम रहती है, तो Arihant Foundations को गारंटी की रकम, यानी ₹250 करोड़ तक का भुगतान करना पड़ सकता है। फिलहाल कंपनी का कहना है कि इसका सीधा असर उसके फाइनेंसियल्स पर नहीं पड़ रहा है, लेकिन यह कदम कंपनी के बैलेंस शीट पर एक अतिरिक्त जोखिम जोड़ता है।
ये JV, Canopy Living LLP, Arihant Foundations और Prestige Estates Projects Limited के बीच 12 मई 2025 को बना था। इसका मकसद बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को डेवलप करना है। हाल ही में, जनवरी 2026 में, इस JV ने चेन्नई के Padi में 16.381 एकड़ जमीन ₹560.67 करोड़ में खरीदी थी। यह डील JV के बड़े प्रोजेक्ट्स की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाती है।
Arihant Foundations की अपनी वित्तीय स्थिति देखें तो, मार्च 2026 तक कंपनी का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt-to-Equity Ratio) काफी ऊंचा, 92.7% था, जिसमें कुल कर्ज ₹3.2 अरब (billion) था। कंपनी ने फरवरी 2026 में ₹180 करोड़ के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) इश्यू को भी मंजूरी दी थी, जिससे पता चलता है कि कंपनी एक्टिवली फंड जुटा रही है।
इस गारंटी के बाद, Arihant Foundations के शेयरहोल्डर्स पर Canopy Living LLP के प्रदर्शन से जुड़ी एक नई आकस्मिक देनदारी आ गई है। वहीं, JV को अपने महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी फंड मिल गया है, जिससे उसकी डेवलपमेंट पाइपलाइन को रफ्तार मिल सकती है। आदित्य बिड़ला कैपिटल को भी लिस्टेड कंपनी से गारंटी मिलने से उसके लोन में सुरक्षा बढ़ी है।
अब मुख्य चिंताएं क्या हैं? सबसे बड़ा जोखिम JV कंपनी का लोन डिफॉल्ट करना है। अगर ऐसा हुआ, तो Arihant Foundations पर ₹250 करोड़ चुकाने का दबाव आ जाएगा। कंपनी पहले से ही 92.7% के ऊंचे डेट-टू-इक्विटी रेशियो से जूझ रही है, ऐसे में यह गारंटी उसकी वित्तीय लचीलेपन को और कम कर सकती है। इसके अलावा, मार्च 2026 की एक रिपोर्ट में महंगे वैल्यूएशन और कमजोर टेक्निकल को देखते हुए AFHL को 'Sell' रेटिंग दी गई थी, जो कर्ज चुकाने की क्षमता पर भी सवाल खड़े करती है।
अगर JV पार्टनर Prestige Estates Projects Limited की बात करें, तो वह एक बहुत बड़ी कंपनी है, जिसने H1 FY26 में ₹18,143.7 करोड़ की प्री-सेल्स दर्ज कीं। यह Arihant Foundations की तुलना में काफी बड़े पैमाने पर काम करती है। रियल एस्टेट के दूसरे बड़े खिलाड़ी जैसे DLF Limited और Sobha Limited भी पूरे भारत में बड़े प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो के साथ काम करते हैं।
आंकड़ों की बात करें तो, मार्च 2026 तक Arihant Foundations & Housing Limited का डेट-टू-इक्विटी रेशियो 92.7% (कंसोलिडेटेड) था, और इंटरेस्ट कवरेज रेशियो (Interest Coverage Ratio) 6.5x (कंसोलिडेटेड) था।
आगे क्या देखना होगा? सबसे अहम होगा Canopy Living LLP के प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन और उसका ₹400 करोड़ के लोन को चुकाने की क्षमता। साथ ही, Arihant Foundations के कुल कर्ज के स्तर और मौजूदा लीवरेज (leverage) के प्रबंधन पर भी नजर रखनी होगी। JV के प्रोजेक्ट्स और उनकी वित्तीय प्रगति से जुड़ी कोई भी नई घोषणा, और इस गारंटी पर बाजार की प्रतिक्रिया, खासकर AFHL के मौजूदा कर्ज और हालिया 'Sell' रेटिंग को देखते हुए, निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी।