Andhra Pradesh Housing: PMAY-Urban 2.0 के तहत 17,912 नए घरों को मंजूरी, सरकार खर्च करेगी **₹448 करोड़**

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Andhra Pradesh Housing: PMAY-Urban 2.0 के तहत 17,912 नए घरों को मंजूरी, सरकार खर्च करेगी **₹448 करोड़**

Andhra Pradesh सरकार ने PMAY-Urban 2.0 स्कीम के तहत **17,912** किफायती घरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है। **₹448 करोड़** के इस प्रोजेक्ट में 'बेनिफिशियरी-लेड' (Beneficiary-led) मॉडल अपनाया गया है, जिसमें घर बनाने की जिम्मेदारी सीधे लाभार्थियों पर होगी।

प्रोजेक्ट की रूपरेखा

आंध्र प्रदेश सरकार ने इन घरों को 2025-26 और 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के दौरान पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इस पूरे प्रोजेक्ट का कुल निवेश ₹447.8 करोड़ आंका गया है। सरकार ने इसे 'बेनिफिशियरी-लेड कंस्ट्रक्शन' (BLC) मॉडल के तहत मंजूरी दी है, ताकि मकानों के निर्माण में तेजी लाई जा सके और थर्ड-पार्टी डेवलपर्स पर निर्भरता कम हो।

फंडिंग और स्ट्रक्चर

प्रत्येक हाउसिंग यूनिट का मूल्य ₹2.5 लाख तय किया गया है। फंडिंग का गणित इस तरह है:

  • केंद्र सरकार (Central Government): 60% हिस्सा यानी ₹1.5 लाख देगी।
  • राज्य सरकार (State Government): 40% हिस्सा यानी ₹1 लाख का योगदान देगी।

निवेशकों के लिए संकेत

बाजार के नजरिए से देखें तो यह कोई बड़े कमर्शियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स जैसा नहीं है, इसलिए लिस्टेड बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों को इससे सीधे कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना कम है। हालांकि, निर्माण कार्यों में तेजी आने से स्थानीय स्तर पर सीमेंट, स्टील और अन्य बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर्स की डिमांड में उछाल देखने को मिल सकता है।

रिस्क फैक्टर और चुनौतियां

इस मॉडल में सबसे बड़ी चुनौती 'कॉस्ट मैनेजमेंट' की है। चूँकि सरकारी सहायता ₹2.5 लाख पर फिक्स्ड है, इसलिए निर्माण के दौरान अगर सीमेंट, स्टील या लेबर की लागत बढ़ती है, तो उसका पूरा वित्तीय बोझ लाभार्थियों को उठाना होगा। महंगाई का दबाव प्रोजेक्ट की डेडलाइन को प्रभावित कर सकता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.