रियल एस्टेट डेवलपर Anant Raj ने जून तिमाही में 19% की जोरदार बढ़ोतरी के साथ ₹149.19 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी अपने डेटा सेंटर और क्लाउड बिजनेस को अलग लिस्टेड एंटिटी में डीमर्ज करने की तैयारी में है।
Anant Raj के नतीजे: पहली तिमाही में 19% का मुनाफा?
रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Limited ने 2026-27 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के लिए 19% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर बढ़ोतरी के साथ ₹149.19 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। इस दौरान कंपनी की कुल आय ₹650.75 करोड़ रही। यह परफॉर्मेंस कंपनी के एस्टैब्लिश्ड रियल एस्टेट ऑपरेशन्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते फोकस के बीच एक अच्छा संतुलन दिखाती है।
बड़ी स्ट्रैटेजिक चाल: डेटा सेंटर बिजनेस होगा अलग?
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा अपडेट यह है कि कंपनी के बोर्ड ने अपने डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को पारंपरिक रियल एस्टेट ऑपरेशन्स से अलग करने की मंजूरी दे दी है। इस प्लान के तहत, 'Ashok Cloud Private Limited' नाम की एक नई, इंडिपेंडेंटली लिस्टेड एंटिटी बनाई जाएगी। इस कदम का मकसद डेटा सेंटर बिजनेस को एक अलग रणनीति के साथ काम करने की आजादी देना है, खासकर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, AI वर्कलोड और क्लाउड सर्विसेज पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, जो प्रॉपर्टी मार्केट की साइक्लिकल नेचर से अलग होगा।
डिजिटल फुटप्रिंट का विस्तार
इस बदलाव के समर्थन में, कंपनी अपने डिजिटल फुटप्रिंट का विस्तार कर रही है। जून 2026 में, कंपनी ने सिंगापुर में एक नई सब्सिडियरी, Anant Raj Cloud Singapore Pte. Ltd. का गठन किया। इसका उद्देश्य भारत में विकसित किए जा रहे डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाते हुए, अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को क्लाउड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाएं प्रदान करना है। इसके अलावा, अप्रैल 2026 में, कंपनी ने ₹3.58 करोड़ में Romano Projects Private Limited में शेष 25% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया, जिससे उसे गुरुग्राम में स्थित प्रमुख भूमि संपत्तियों पर पूरा नियंत्रण मिल गया है।
रिस्क और ध्यान देने योग्य बातें
हालांकि कंपनी अपने ऑपरेशन्स का विस्तार कर रही है, लेकिन निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना चाहिए। प्रस्तावित डीमर्जर एक जटिल कॉर्पोरेट प्रक्रिया है जिसके लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), क्रेडिटर्स और शेयरधारकों से विभिन्न स्वीकृतियों की आवश्यकता होगी। इन कानूनी कदमों में किसी भी तरह की देरी से रीस्ट्रक्चरिंग की टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 2032 के फाइनेंशियल ईयर तक अपने डेटा सेंटर की क्षमता को 307 मेगावाट तक बढ़ाने का एक आक्रामक लक्ष्य रखा है। यह एक कैपिटल-इंटेंसिव प्लान है जिसमें एग्जीक्यूशन रिस्क शामिल हैं, जैसे कि कंस्ट्रक्शन में देरी या उम्मीद से ज्यादा खर्च।
गवर्नेंस की बात करें तो, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी की सब्सिडियरी, Romano Projects, पहले एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की जांच के दायरे में आ चुकी है। हालांकि यह एक पुरानी घटना है, यह सब्सिडियरी के ऑपरेशन्स के संबंध में ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करती है। आने वाली तिमाहियों के लिए मुख्य निगरानी बिंदु डीमर्जर के लिए नियामक मंजूरी की गति और बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में परिचालन प्रगति होगी।
