Ajmera Realty के शानदार नतीजे
Ajmera Realty & Infra India Limited (NSE: AJMERA) ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हुई 9 महीनों की अवधि (9M FY26) में अपने अब तक के सबसे मजबूत ऑपरेशनल और फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने रिकॉर्ड ₹1,431 करोड़ की सेल्स दर्ज की है, जो पिछले साल की इसी अवधि (YoY) की तुलना में 72% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। तीसरी तिमाही (Q3 FY26) की सेल्स भी ₹603 करोड़ रही, जो मजबूती दर्शाती है।
टॉप-लाइन में इस बढ़ोतरी के साथ ही, कलेक्शन में भी 70% YoY का उछाल आया, जो 9M FY26 में कुल ₹787 करोड़ रहा। इस अवधि के लिए रेवेन्यू 11% YoY बढ़कर ₹664 करोड़ हो गया, जो लगातार प्रोजेक्ट डिलीवरी का सबूत है।
कंपनी का मुनाफा भी मजबूत बना हुआ है। 9M FY26 के लिए EBITDA ₹196 करोड़ और PAT (Profit After Tax) ₹99 करोड़ रहा। कंपनी ने 30% EBITDA मार्जिन और लगभग 15% PAT मार्जिन हासिल किया है। ये आंकड़े प्रभावी कॉस्ट मैनेजमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाते हैं।
कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ काफी अच्छी दिख रही है। कुल डेट (कर्ज) ₹754 करोड़ है, जिसके चलते डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.58x है, जो रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक समझदारी भरा लीवरेज है। डेट पर एवरेज कॉस्ट 11.59% है।
Wadala प्रोजेक्ट और भविष्य की कमाई
कंपनी के मैनेजमेंट का भरोसा है कि वे पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए ₹1,600 करोड़ की सेल्स गाइडेंस को आसानी से पार कर लेंगे। इसका मुख्य कारण रियल एस्टेट मार्केट का मजबूत होना और कंपनी के प्रोजेक्ट्स का तेजी से पूरा होना है।
सबसे बड़ी स्ट्रेटेजिक खबर Wadala Boutique Office प्रोजेक्ट के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव है। इसके कार्पेट एरिया को 6 लाख वर्ग फुट से बढ़ाकर 16 लाख वर्ग फुट कर दिया गया है। इसके साथ ही, इस प्रोजेक्ट का ग्रॉस डेवलपमेंट वैल्यू (GDV) ₹1,800 करोड़ से बढ़कर ₹5,300 करोड़ हो गया है। इस एक प्रोजेक्ट के अकेले रिवीजन से कंपनी की भविष्य की कमाई की विजिबिलिटी काफी बढ़ गई है, जो अब ₹5,600 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है (इसमें कमिटेड सेल्स और इन्वेंटरी ₹4,098 करोड़ और आने वाला पाइपलाइन ₹1,500 करोड़ शामिल है)।
इसके अलावा, कंपनी ने ₹2,000 करोड़ के नए बिजनेस डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स भी हासिल किए हैं, जो उसके एसेट-लाइट ग्रोथ मॉडल को मजबूत करते हैं।
मार्केट आउटलुक और जोखिम
रियल एस्टेट मार्केट, खासकर मुंबई में, री-डेवलपमेंट के मौके और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण मजबूत हो रहा है। अनुमान है कि GDP ग्रोथ 7.3% रहने और मॉनेटरी पॉलिसी के सपोर्ट से मार्केट में लिक्विडिटी बनी रहेगी।
हालांकि, प्रोजेक्ट अप्रूवल में देरी जैसे जोखिम भी मौजूद हैं। कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी अपने लैंड बैंक और एसेट-लाइट मॉडल का फायदा उठाने पर टिकी है। निवेशकों को नए प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन और कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए पार्टनरशिप पर नजर रखनी चाहिए। Wadala माइक्रो-मार्केट प्रोजेक्ट का फेज्ड लॉन्च (FY27 से) और लग्जरी रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट (FY28 में) अहम पड़ाव होंगे। मैनेजमेंट का आत्मविश्वास और मुंबई जैसे हाई-डिमांड मार्केट में मजबूत पोजिशनिंग लगातार ग्रोथ की ओर इशारा करती है, बशर्ते एग्जीक्यूशन और मार्केट कंडीशंस अनुकूल रहें।