Aditya Birla Real Estate (ABREL) अब पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Net Debt-Free) हो गई है। यह मुकाम ITC को पेपर बिजनेस **₹3,500 करोड़** में बेचने के बाद हासिल हुआ है। हालांकि, जून तिमाही में कंपनी को घाटा (Net Loss) हुआ है, लेकिन Nomura ने **'Buy'** रेटिंग बरकरार रखी है।
ITC के साथ डील का असर
Aditya Birla Real Estate (ABREL) ने Century Pulp and Paper बिजनेस को ITC Limited को करीब ₹3,500 करोड़ में बेच दिया है। यह डील 1 अगस्त, 2026 से प्रभावी हो गई है, जिसके बाद कंपनी का बैलेंस शीट पूरी तरह से कर्ज-मुक्त हो गया है। इस कदम से कंपनी अब पूरी तरह रियल एस्टेट बिजनेस पर फोकस करेगी।
क्यों हुआ Q1 में घाटा?
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (30 जून, 2026 को समाप्त) के नतीजे बताते हैं कि कंपनी अभी भारी निवेश के दौर से गुजर रही है। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹189 करोड़ रहा, जो पिछले साल से ज्यादा है। लेकिन, कंपनी को लगभग ₹39 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। इसका मुख्य कारण यह है कि कंपनी की अकाउंटिंग पॉलिसी के अनुसार, निर्माण के बजाय प्रोजेक्ट पूरा होने और ग्राहकों को हैंडओवर होने पर ही रेवेन्यू और प्रॉफिट दर्ज किया जाता है। इसलिए, विश्लेषकों का मानना है कि यह तिमाही नतीजों के बजाय कंपनी के कैपिटल-इंटेंसिव डेवलपमेंट फेज को दर्शाता है।
कलेक्शन में मजबूती, प्री-सेल्स में गिरावट
पहली तिमाही में कंपनी की प्री-सेल्स (Presales) में 21% की गिरावट आई और यह ₹3.3 बिलियन रही। हालांकि, दूसरी तरफ, कंपनी के कलेक्शन (Collections) में 31% का जबरदस्त इजाफा हुआ है और यह ₹7.1 बिलियन तक पहुंच गया है, जो मौजूदा ग्राहकों से मजबूत कैश इनफ्लो का संकेत देता है। मैनेजमेंट का यह भी कहना है कि तिमाही के दौरान कुछ कैंसल हुए यूनिट्स आने वाले महीनों में फिर से बुक हो सकते हैं, शायद ऊंची कीमतों पर।
ब्रोकरेज की राय और भविष्य की योजनाएं
Nomura ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि बिजनेस डेवलपमेंट में तेजी आई है। ABREL ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में नए रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स शुरू किए हैं, जिसमें वाशी (Vashi) में एक बड़ा प्रोजेक्ट भी शामिल है, जिससे ₹2,600 करोड़ का अनुमानित रेवेन्यू मिल सकता है। यह कंपनी की लैंड बैंक और फ्यूचर रेवेन्यू पाइपलाइन बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। Nomura ने यह भी बताया कि स्टॉक फिलहाल अपने नेट एसेट वैल्यू (Net Asset Value) से डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।
इसके अलावा, बोर्ड ने ABREL ESOP Scheme 2026 को मंजूरी दी है और शेयर बायबैक (Share Buyback) का प्रस्ताव भी शुरू किया है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को कंपनी के प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन रिस्क पर नजर रखनी होगी, खासकर जब वह अपने प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ा रही है। नेगेटिव EBITDA और हाई एक्सपेंस प्रोफाइल को देखते हुए, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी उसके बड़े रेजिडेंशियल पाइपलाइन के सफल कंप्लीशन और डिलीवरी पर निर्भर करेगी। आने वाली तिमाहियों में नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग स्पीड, खासकर Birla Niyaara प्रोजेक्ट में, और प्रोजेक्ट डिलीवरी पर रेवेन्यू रिकग्निशन का टाइमलाइन महत्वपूर्ण होगा।
