मुनाफे और कलेक्शन में जबरदस्त उछाल
Aditya Birla Real Estate Limited (पहले Century Textiles and Industries Limited) ने Q3 FY26 में दमदार प्रदर्शन किया है। इस तिमाही में प्री-सेल्स में पिछले साल की तुलना में 276% की भारी वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹2,536 करोड़ रही। वहीं, तिमाही के दौरान कलेक्शंस भी 157% बढ़कर ₹1,290 करोड़ पर पहुंच गए। अगर पिछले नौ महीनों (Nine Months) की बात करें तो, FY26 के लिए प्री-सेल्स 64% बढ़कर ₹3,848 करोड़ हो गई, जबकि कलेक्शंस 44% बढ़कर ₹2,347 करोड़ दर्ज किए गए।
आगे क्या है कंपनी की योजना?
कंपनी मैनेजमेंट का मानना है कि नए प्रोजेक्ट लॉन्च (Project Launches) और मजबूत बिजनेस डेवलपमेंट (BD) पाइपलाइन के दम पर वे FY26 के लिए ₹8,000 करोड़ के सेल्स गाइडेंस को पार कर जाएंगे। FY26 के लिए BD गाइडेंस ₹10,000 करोड़ से ₹15,000 करोड़ के बीच रहने का अनुमान है। कंपनी का लक्ष्य है कि FY28 तक सेल्स ₹15,000 करोड़ (यानी ₹150 अरब) तक पहुंच जाए। इसके अलावा, कंपनी अपने कमर्शियल रियल एस्टेट सेगमेंट (Commercial Real Estate Segment) के लिए पार्टनरशिप (Partnerships) की तलाश कर रही है, ताकि अगले 4-5 सालों में सालाना ₹1,000 करोड़ का रेंटल इनकम (Rental Income) अर्जित किया जा सके।
फाइनेंशियल हेल्थ और प्रोजेक्ट मार्जिन
कंपनी पर ₹3,500 करोड़ का नेट डे्ट (Net Debt) है, जिसका नेट डे्ट-टू-इक्विटी रेश्यो (Net Debt-to-Equity Ratio) लगभग 0.8 है। यह स्थिति काफी आरामदायक मानी जा रही है, जिससे कंपनी को आगे विस्तार करने में मदद मिलेगी। अब तक लैंड एक्विजिशन (Land Acquisition) और डेवलपमेंट एक्टिविटीज (Development Activities) में लगभग ₹4,500-5,000 करोड़ का निवेश किया जा चुका है। कंपनी के प्रोजेक्ट्स के मार्जिन 25-30% से लेकर 40% से अधिक तक हैं, जो प्रोजेक्ट की मजबूत इकोनॉमिक्स को दर्शाते हैं।
सामने हैं ये चुनौतियाँ और उम्मीदें
एक बड़ी चुनौती यह है कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के चलते अप्रूवल (Approval) में देरी होने की वजह से Niyaara Tower C का लॉन्च H1 FY27 तक टल गया है। निवेशक इन अप्रूवल से जुड़ी मुश्किलों के हल पर नजर रखेंगे। वहीं, सकारात्मक खबर यह है कि गुरुग्राम में लॉन्च किए गए Birla Pravaah को 24 घंटों के भीतर ₹1,850 करोड़ की प्री-सेल्स मिली, जो बाजार की मजबूत मांग को दिखाता है। इसके अलावा, पुणे के मंजीरी में Birla Evam भी लॉन्च किया गया है। Q4 FY26 में कई नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च होने की उम्मीद है। यह भी माना जा रहा है कि पेपर बिजनेस (Paper Business) की संभावित बिक्री से कंपनी की कैश फ्लो पोजीशन (Cash Flow Position) और मजबूत होगी। मैनेजमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को देखते हुए मार्केट आउटलुक (Market Outlook) को लेकर काफी आशावादी है।
