Adani Group की रियल एस्टेट कंपनी Adani Properties की वैल्यूएशन में जबरदस्त उछाल आया है। कंपनी की वैल्यू **73%** बढ़कर **₹90,400 करोड़** हो गई है। यह कंपनी 2026 GROHE-Hurun India की रियल एस्टेट लिस्ट में चौथे स्थान पर आ गई है। हालांकि, यह शानदार प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी का माहौल है और टॉप 150 रियल एस्टेट फर्मों की कुल वैल्यू में सिर्फ **2%** की मामूली बढ़ोतरी हुई है।
Adani Properties की वैल्यूएशन में क्यों आई इतनी तेजी?
Adani Properties, जो Pranav Adani और Rajesh Adani के नेतृत्व में काम कर रही है, की वैल्यूएशन बढ़कर ₹90,400 करोड़ हो गई है। 2026 GROHE-Hurun India रियल एस्टेट लिस्ट के अनुसार, पिछले एक साल में कंपनी की वैल्यू में ₹38,000 करोड़ का इजाफा हुआ है। इस उपलब्धि के साथ, अहमदाबाद स्थित यह कंपनी भारत की चौथी सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी बन गई है और सेक्टर की टॉप अनलिस्टेड (unlisted) डेवलपर के तौर पर उभरी है।
सेक्टर का धीमा प्रदर्शन
Adani Properties की यह ग्रोथ भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट के लिए मुश्किल भरे साल के मुकाबले काफी अलग है। 2026 GROHE-Hurun India लिस्ट के आंकड़ों के मुताबिक, टॉप 150 प्रॉपर्टी फर्मों की कुल वैल्यू में सिर्फ 2% की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले साल की 14% की ग्रोथ से काफी कम है। मार्केट का यही धीमापन पब्लिकली ट्रेडेड कंपनियों के प्रदर्शन में भी दिखा, जहां BSE Realty Index में 20% की गिरावट दर्ज की गई।
बड़े डेवलपर्स को भी झटका
जहां Adani Properties ने शानदार ग्रोथ दर्ज की, वहीं दूसरी तरफ कई बड़ी कंपनियों की वैल्यूएशन पर दबाव देखा गया। देश की सबसे बड़ी लिस्टेड डेवलपर DLF, ₹1.5 लाख करोड़ से थोड़ी कम वैल्यूएशन के साथ टॉप पर बनी हुई है, लेकिन पिछले साल के मुकाबले इसमें 29.3% की गिरावट आई है। इसी तरह, Lodha Developers (Macrotech Developers) ₹93,700 करोड़ की वैल्यूएशन के साथ दूसरे स्थान पर है, जो पिछले साल के मुकाबले 32.2% कम है। हॉस्पिटेलिटी एसेट्स पर फोकस करने वाली Indian Hotels Company ₹93,300 करोड़ के साथ तीसरे स्थान पर है, जिसमें 13.9% की कमी आई है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
निवेशकों के लिए, Adani Properties की वैल्यूएशन में उछाल और DLF व Lodha जैसे लिस्टेड साथियों की वैल्यू में गिरावट, मौजूदा रियल एस्टेट साइकिल की अस्थिरता को दर्शाती है। जहां एक ओर इंडस्ट्री मंदी के दौर से गुजर रही है, वहीं Adani Properties जैसी अनलिस्टेड कंपनियां अक्सर तिमाही नतीजों के बजाय लैंड बैंक, डेवलपमेंट प्रोग्रेस और ग्रुप की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रेटेजी के आधार पर अपनी वैल्यू बढ़ाती हैं। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह वैल्यूएशन ग्रोथ लॉन्ग-टर्म प्रोजेक्ट्स की मजबूती दर्शाती है या सिर्फ लोकल मार्केट के बदलावों का नतीजा है।
