Adani Group का रियल एस्टेट में जलवा! 2% पर सिमटी सेक्टर की ग्रोथ, गौतम अडानी बने सबसे अमीर

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Adani Group का रियल एस्टेट में जलवा! 2% पर सिमटी सेक्टर की ग्रोथ, गौतम अडानी बने सबसे अमीर

साल 2026 भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए सबसे धीमी ग्रोथ वाला साबित हुआ है। टॉप 151 रियल एस्टेट कंपनियों की कुल वैल्यू में सिर्फ **2%** का मामूली इजाफा देखा गया। वहीं, गौतम अडानी और उनके परिवार ने पहली बार हुरुन इंडिया रियल एस्टेट रिच लिस्ट में पहला स्थान हासिल किया है। दूसरी तरफ, BSE रियलिटी इंडेक्स में **20%** की गिरावट दर्ज की गई।

रियल एस्टेट सेक्टर में धीमी रफ्तार

साल 2026 में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर की वैल्यूएशन ग्रोथ रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। टॉप 151 कंपनियों का कुल मूल्य बढ़कर ₹16.5 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले साल की तुलना में केवल 2% ज्यादा है। यह BSE रियलिटी इंडेक्स में दर्ज 20% की गिरावट के बिल्कुल विपरीत है। इससे पता चलता है कि स्थापित रियल एस्टेट कंपनियों के प्रति मार्केट का उत्साह काफी कम हो गया है।

अडानी प्रॉपर्टीज टॉप पर

2026 GROHE-Hurun India Real Estate Rich List की सबसे बड़ी खबर है गौतम अडानी और उनके परिवार का पहले स्थान पर आना। उन्होंने DLF के राजीव सिंह और परिवार को पीछे छोड़ दिया है। अडानी प्रॉपर्टीज की संपत्ति में 73% का उछाल आया, जिससे ₹38,000 करोड़ की बढ़त के साथ कुल वैल्यूएशन ₹90,400 करोड़ तक पहुंच गया। वहीं, राजीव सिंह और परिवार ₹90,200 करोड़ के साथ दूसरे स्थान पर आ गए हैं। इस बदलाव से यह साफ होता है कि अडानी प्रॉपर्टीज और OYO की पैरेंट कंपनी Prism जैसी कुछ चुनिंदा कंपनियों ने ही साल के दौरान सेक्टर में कुल वैल्यू एडिशन का लगभग दो-तिहाई हिस्सा जोड़ा।

मार्केट में कंसंट्रेशन और अलग-अलग प्रदर्शन

सेक्टर की धीमी रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 151 में से केवल 31 कंपनियों की वैल्यूएशन बढ़ी, जबकि 74 कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई। इन मुश्किलों के बावजूद, DLF ₹1.47 लाख करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यू के साथ भारत की सबसे मूल्यवान रियल एस्टेट कंपनी बनी हुई है। Lodha Developers वैल्यूएशन के मामले में दूसरे और Indian Hotels Company तीसरे स्थान पर हैं।

सेक्टर की संरचना में बदलाव

हालांकि रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स अभी भी सेक्टर का आधार हैं और लिस्ट की 65% कंपनियां इसी से जुड़ी हैं, लेकिन यह लगातार संस्थागतकरण की ओर बढ़ रहा है। लिस्टेड कंपनियों का कुल वैल्यू में 71% हिस्सा है और प्रोफेशनल, नॉन-फैमिली मैनेजमेंट का प्रभाव बढ़ रहा है, जो अब सेक्टर की कुल वैल्यू के 54% को संभाल रहे हैं। पांच रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) का शामिल होना भी इंडस्ट्री की वित्तीय संरचना के परिपक्व होने का संकेत देता है।

रियल एस्टेट सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों को यह देखना होगा कि स्थापित कंपनियां ऐसे माहौल में कर्ज और कैश फ्लो का प्रबंधन कैसे करती हैं, जहां ग्रोथ थम सी गई है। नई कंपनियों के तेजी से विस्तार और पुराने डेवलपर्स पर वैल्यूएशन के दबाव के बीच का अंतर देखने लायक होगा। इंडस्ट्री से जुड़े भविष्य के अपडेट इस बात पर केंद्रित होंगे कि क्या ब्याज दरों का माहौल या सरकारी नीतियां मार्केट के सेंटिमेंट को बढ़ावा दे सकती हैं, जो फिलहाल व्यापक विस्तार के बजाय कंसॉलिडेशन के दौर में दिख रहा है।

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