Adani Navbharat Developers ने Matunga में **22 एकड़** की जमीन पर **10 टॉवर्स** का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इस प्रोजेक्ट में **10,000** से ज्यादा रेजिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट्स तैयार की जाएंगी, जिन्हें **2029-2030** तक पूरा करने का लक्ष्य है।
बड़े बदलाव की शुरुआत
Adani Navbharat Developers Private Limited ने मुंबई के Matunga में 22 एकड़ साइट पर आधिकारिक रूप से निर्माण शुरू कर दिया है। यह कदम Dharavi के कायाकल्प की दिशा में एक अहम मील का पत्थर है। इस पूरे प्रोजेक्ट को एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) के जरिए अंजाम दिया जा रहा है, जिसमें Adani Group और Dharavi Redevelopment Project/Slum Rehabilitation Authority शामिल हैं।
क्या है प्रोजेक्ट की खासियत?
इस साइट पर कुल 10 रेजिडेंशियल टॉवर्स खड़े किए जाएंगे, जिनमें 10,432 रेजिडेंशियल यूनिट्स और 1,379 कमर्शियल/इंडस्ट्रियल यूनिट्स होंगी। हर अपार्टमेंट का साइज 350 स्क्वायर फीट तय किया गया है, जो महाराष्ट्र सरकार के पुनर्वास नियमों के अनुरूप है।
निर्माण के चरण और डेडलाइन
काम को तीन चरणों में पूरा करने की योजना है:
- पहला चरण: 5 टॉवर्स, मार्च 2029 तक पूरे होंगे।
- दूसरा चरण: 2 टॉवर्स, अगस्त 2029 तक तैयार होंगे।
- तीसरा चरण: आखिरी 3 बिल्डिंग्स, अगस्त 2030 तक पूरी हो जाएंगी।
इसके अलावा, डेवलपर्स ने हैंडओवर के बाद 10 साल तक साझा इंफ्रास्ट्रक्चर के रखरखाव (Maintenance) की जिम्मेदारी भी ली है।
चुनौतियां और जोखिम
इतना बड़ा प्रोजेक्ट होने के कारण इसमें कुछ जटिलताएं भी हैं। लाखों निवासियों के पुनर्वास (Relocation) की चुनौती और लंबी निर्माण समय-सीमा प्रोजेक्ट के लिए रिस्क फैक्टर्स हो सकते हैं। साथ ही, कमर्शियल स्पेस से होने वाली कमाई पर भविष्य का मेंटेनेंस निर्भर करेगा, इसलिए इसका सफल मैनेजमेंट निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स के लिए नजर रखने वाली मुख्य बात होगी।
