टेक कंपनी Accenture ने हैदराबाद में एक बड़ी ऑफिस स्पेस डील फाइनल की है। कंपनी ने Aparna Technopolis में **10 लाख वर्ग फुट** से ज्यादा जगह **10 साल** के लिए लीज पर ली है, जिसकी कुल कीमत **₹900 करोड़** है। ये डील ग्लोबल कंपनियों के बीच बड़े, कैंपस-स्टाइल ऑफिस की लगातार बनी हुई मांग को दर्शाती है।
क्या हुआ?
दुनियाभर में प्रोफेशनल सर्विसेज देने वाली बड़ी कंपनी Accenture ने हैदराबाद में एक अहम रियल एस्टेट डील की है। कंपनी ने Kondapur इलाके में स्थित Aparna Technopolis कॉम्प्लेक्स में 10 लाख वर्ग फुट से ज्यादा जगह सुरक्षित की है। यह 10 साल का लीज एग्रीमेंट है, जिसमें कंपनी लगभग ₹900 करोड़ खर्च करेगी। यह डील 10 जून, 2026 को रजिस्टर हुई और भारत में किसी मल्टीनेशनल कंपनी द्वारा हाल ही में की गई सबसे बड़ी ऑफिस स्पेसগুলোর में से एक है।
डील की डिटेल्स
इस लीज के तहत 10,16,912 वर्ग फुट की जगह ली गई है, जो दो अलग-अलग ब्लॉक्स में 21 फ्लोर्स पर फैली हुई है। इंडस्ट्री रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इसमें ₹29.5 करोड़ की सिक्योरिटी डिपॉजिट शामिल है। रेंटल स्ट्रक्चर में ऑफिस स्पेस का किराया ₹74 प्रति वर्ग फुट और कैफेटीरिया स्पेस का किराया ₹37 प्रति वर्ग फुट रखा गया है। यह लीज फेज में शुरू होगी और रेंटल पेमेंट्स 2026 के आखिर में शुरू होने की उम्मीद है।
बड़ी कंपनियां क्यों ले रही हैं बड़े ऑफिस?
यह डील कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक अहम संकेत है। हाइब्रिड और रिमोट वर्क के बढ़ते चलन के बावजूद, बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां (जो अक्सर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स - GCCs चलाती हैं) भारत में बड़े, कैंपस-स्टाइल ऑफिस एनवायरनमेंट में भारी निवेश कर रही हैं। इन कंपनियों को अपने बढ़ते स्टाफ, ट्रेनिंग और बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी डिलीवरी के लिए स्केलेबल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। रियल एस्टेट निवेशकों और मार्केट एनालिस्ट्स के लिए, यह दिखाता है कि काम करने के तरीके भले ही बदल गए हों, लेकिन बड़े टेक एम्प्लॉयर्स के लिए हाई-क्वालिटी, बड़े फॉर्मेट वाले ऑफिस स्पेस की मांग अभी भी मजबूत है।
हैदराबाद का बढ़ता कमर्शियल आकर्षण
हैदराबाद ग्लोबल टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनियों के लिए एक पसंदीदा डेस्टिनेशन के रूप में अपनी जगह बना चुका है। शहर कई फायदे देता है, जैसे कि स्किल्ड टेक्नोलॉजी टैलेंट का बड़ा पूल, दूसरे बड़े शहरों की तुलना में कॉम्पिटिटिव ऑक्यूपेंसी कॉस्ट और बड़े इंस्टीट्यूशनल-ग्रेड ऑफिस पार्क्स की उपलब्धता। Aparna Technopolis प्रोजेक्ट ऐसी बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर का एक उदाहरण है, जिसे इन स्पेसिफिक रिक्वायरमेंट्स को पूरा करने के लिए डिजाइन किया गया है, जिसमें एफिशिएंट फ्लोर प्लेट्स शामिल हैं जो अपनी ऑपरेशंस को सेंट्रलाइज करने वाली बड़ी कॉर्पोरेशंस को आकर्षित करती हैं।
इन्वेस्टर्स के लिए क्या है मॉनिटर करने लायक?
आगे चलकर यह देखना होगा कि क्या मल्टीनेशनल फर्मों द्वारा ऑफिस स्पेस लीज करने की रफ्तार पूरे साल बनी रहती है। हालांकि एक डील पूरे मार्केट को डिफाइन नहीं करती, लेकिन हैदराबाद में इस विस्तार के साथ-साथ Accenture की पुणे में हाल ही में 600,000 वर्ग फुट की लीज, भारत में अपनी डिलीवरी कैपेबिलिटीज को कंसॉलिडेट और एक्सपैंड करने की एक स्पष्ट रणनीति का संकेत देती है। जो लोग कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर को ट्रैक कर रहे हैं, उनके लिए टॉप-टियर टेक हब में ऑक्यूपेंसी रेट्स, Kondapur जैसे की-माइक्रो मार्केट्स में रेंटल ग्रोथ ट्रेंड्स और क्या अन्य बड़ी आईटी फर्में भी इसी तरह के लॉन्ग-टर्म लीज कमिटमेंट्स के साथ आगे आती हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
