Aavas Financiers ने Q3 में दिखाया दम, प्रॉफिट में 16% का उछाल
Aavas Financiers Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने ₹1.70 अरब का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 16% ज्यादा है। इस शानदार ग्रोथ की मुख्य वजह 17% की मजबूत बढ़ोतरी रही नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में। वहीं, कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी 27 बेसिस पॉइंट सुधरकर 8.01% पर पहुंच गया।
कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी 15% का सालाना इजाफा देखा गया और यह ₹222 अरब (यानी ₹22,200 करोड़) हो गया। Aavas Financiers की बैलेंस शीट का आकार भी ₹20,000 करोड़ के पार निकल गया है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी की बात करें तो, कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो तिमाही-दर-तिमाही 75 बेसिस पॉइंट घटकर 42.9% रहा। एसेट क्वालिटी भी मजबूत बनी हुई है, जिसमें 1+ DPD 19 बेसिस पॉइंट घटकर 3.80% पर आ गया, जबकि ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 5 बेसिस पॉइंट की कमी के साथ 1.19% पर दर्ज हुए। क्रेडिट कॉस्ट्स को 16 बेसिस पॉइंट पर कंट्रोल में रखा गया, और मैनेजमेंट का लक्ष्य इसे 25 बेसिस पॉइंट से नीचे रखने का है। कंपनी ने एक मल्टीलेटरल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से लगभग ₹975 करोड़ का फंड भी जुटाया है।
FY27 के लिए बड़े लक्ष्य और रणनीति
आगे की राह देखते हुए, Aavas Financiers ने फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए काफी बड़े लक्ष्य तय किए हैं। मैनेजमेंट का लक्ष्य 25% से ज्यादा की डिस्बर्समेंट ग्रोथ हासिल करना है, वहीं लोन बुक में 17-18% की बढ़ोतरी का अनुमान है। इस विस्तार के लिए कंपनी कई मोर्चों पर काम कर रही है:
- ब्रांच विस्तार: कंपनी लगभग 50 नई ब्रांचें खोलकर अपनी पहुंच और बढ़ाएगी।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल: CSC और eMitra जैसे डिजिटल चैनलों का भी पूरा लाभ उठाया जाएगा।
- प्रोडक्टिविटी में सुधार: ब्रांच एक्सीलेंस प्रोग्राम जैसे इनिशिएटिव्स से कर्मचारियों और चैनल की प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जाएगी।
- मार्केट के अवसर: महंगाई और ग्रोथ से जुड़े मौकों का फायदा उठाने की योजना है।
कंपनी का खास फोकस टियर 2 और टियर 3 शहरों पर रहेगा, खासकर उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने की। मैनेजमेंट को भरोसा है कि वे रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न पर ध्यान केंद्रित करके, अपने मुख्य ग्राहक सेगमेंट (लगभग 60% सेल्फ-एम्प्लॉयड और 15% न्यू-टू-क्रेडिट कस्टमर्स) को बेहतर ढंग से समझकर, और कम सेवा वाले इलाकों में गहरी पैठ बनाकर क्वालिटी ग्रोथ बनाए रखेंगे।
हालांकि, निवेशकों को ब्रांच विस्तार और संभावित कॉम्पिटिटिव प्रेशर के बीच एसेट क्वालिटी बनाए रखने जैसे एग्जीक्यूशन रिस्क पर नज़र रखनी होगी। कंपनी की अपने खास ग्राहक वर्ग की गहरी समझ और कम सेवा वाले भौगोलिक क्षेत्रों पर फोकस, इन जोखिमों को कम करने में उसकी मुख्य ताकत साबित हो सकती है। प्रॉफिटेबिलिटी को बनाए रखने के लिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कंट्रोल्ड क्रेडिट कॉस्ट्स पर फोकस महत्वपूर्ण होगा।