टैक्स प्रोफेशनल्स ने CBDT से असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की **30 सितंबर** की डेडलाइन को आगे बढ़ाने की अपील की है।
डेडलाइन बढ़ाने की मांग के पीछे का कारण
चार्टर्ड अकाउंटेंट और टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि मौजूदा समय सीमा के भीतर सभी अनुपालन (Compliance) पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। मांग की जा रही है कि इसे 31 अक्टूबर तक बढ़ाया जाए।
मुख्य समस्या डेटा रिकॉन्सिलिएशन (Data Reconciliation) की जटिलता है। प्रोफेशनल्स को GST रिटर्न, TDS डेटा और Form 26AS व Annual Information Statement के आंकड़ों का मिलान करने में काफी समय लग रहा है। इसके अलावा, MSME पेमेंट्स और संबंधित पार्टियों के लेनदेन (Related-party transactions) के सही डिस्क्लोजर ने भी काम का दबाव काफी बढ़ा दिया है। कुछ इंडस्ट्री बॉडीज का यह भी कहना है कि जरूरी टैक्स फॉर्म और यूटिलिटी सॉफ्टवेयर की देरी से रिलीज ने पूरी प्रक्रिया को धीमा कर दिया है।
सरकार का रुख और निवेशकों के लिए सलाह
फिलहाल, CBDT ने डेडलाइन बदलने को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। इनकम टैक्स एक्ट की Section 44AB के तहत आने वाले करदाताओं के लिए कानूनी रूप से 30 सितंबर तक ऑडिट रिपोर्ट सबमिट करना अनिवार्य है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी तरह की अफवाह या उम्मीद के भरोसे न बैठें। अगर भविष्य में सरकार राहत देती है तो वह बोनस होगा, लेकिन वर्तमान में 30 सितंबर की डेडलाइन को ध्यान में रखकर काम पूरा करना ही पेनल्टी से बचने का सबसे सुरक्षित रास्ता है।
