RBI Agri-Infrastructure Loan: ₹100 करोड़ की लिमिट पर क्या है सच्चाई? समझें नया अपडेट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI Agri-Infrastructure Loan: ₹100 करोड़ की लिमिट पर क्या है सच्चाई? समझें नया अपडेट

एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर लोन के लिए **₹100 करोड़** की लिमिट कोई नया प्रस्ताव नहीं है, बल्कि यह RBI के प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) फ्रेमवर्क का पहले से चला आ रहा हिस्सा है। यह नियम कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस जैसे ग्रामीण प्रोजेक्ट्स में फंड का प्रवाह बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

हाल ही में RBI की एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर लोन लिमिट को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन निवेशकों को यह साफ समझ लेना चाहिए कि प्रति उधारकर्ता ₹100 करोड़ की यह एग्रीगेट लिमिट कोई नई घोषणा नहीं है। यह काफी समय से प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग (PSL) गाइडलाइंस का अभिन्न अंग रही है।\n\n### बैंकों के लिए क्यों है जरूरी?\nमौजूदा फ्रेमवर्क के तहत, कमर्शियल बैंकों को अपने एडजस्टेड नेट बैंक क्रेडिट (ANBC) का 40% हिस्सा प्रायोरिटी सेक्टर को देना होता है। इसमें एग्रीकल्चर का लक्ष्य 18% तय है। बैंकों को रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और मार्केट यार्ड्स में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने हेतु RBI उन्हें ₹100 करोड़ तक के लोन को PSL में शामिल करने की छूट देता है।\n\n### क्या बदला है?\nRBI समय-समय पर मास्टर डायरेक्शन में सुधार करता है, जैसे जनवरी 2026 का अमेंडमेंट, जो मुख्य रूप से डेफिनिशन को आसान बनाने और क्रेडिट एक्सपोजर कैलकुलेट करने पर केंद्रित था। हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर लोन की कोर लिमिट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है मायने?\nRBI के डेटा के अनुसार, सितंबर 2026 तक कृषि और संबंधित गतिविधियों में क्रेडिट ग्रोथ 19.5% रही है। हालांकि, बैंकों के लिए चुनौती यह है कि इन प्रोजेक्ट्स का जेस्टेशन पीरियड लंबा होता है। साथ ही, यदि लोन लिमिट ₹100 करोड़ से ऊपर जाती है, तो वह हिस्सा PSL के तहत नहीं आता, जिससे बैंकों के तिमाही टारगेट पर असर पड़ सकता है। बैंकिंग स्टॉक पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए इन टारगेट्स और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) का संतुलन समझना बहुत जरूरी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.