रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में 'UPI Tap and Pay' और AI-आधारित 'MyUPI' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसके जरिए बिना पिन डाले पेमेंट और एडवांस फ्रॉड कंट्रोल की सुविधा मिलेगी, जो कार्ड पेमेंट्स को सीधे टक्कर देगा।
UPI में क्या बदला?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) में डिजिटल पेमेंट को और आसान बनाने के लिए दो बड़े अपडेट्स पेश किए हैं। इसका मकसद UPI को फिजिकल पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) मार्केट में कार्ड पेमेंट्स के विकल्प के रूप में खड़ा करना है।
कैसे काम करेगा 'Tap and Pay'?
अब NFC (नियर फील्ड कम्युनिकेशन) तकनीक के जरिए यूजर अपने स्मार्टफोन को सीधे POS टर्मिनल पर 'टैप' करके पेमेंट कर सकेंगे। इसके लिए कोई ऐप खोलने की जरूरत नहीं होगी और पेमेंट के लिए मर्चेंट टर्मिनल के इंटरनेट का इस्तेमाल होगा। सबसे खास बात यह है कि ₹5,000 तक के ट्रांजेक्शन के लिए किसी UPI PIN की जरूरत नहीं होगी, हालांकि इससे ऊपर की रकम के लिए PIN ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा।
MyUPI: AI की ताकत और सेफ्टी
NPCI द्वारा विकसित 'MyUPI' एक AI-पावर्ड डैशबोर्ड है। यह FiMI (फाइनेंस मॉडल फॉर इंडिया) स्मॉल लैंग्वेज मॉडल पर आधारित है।
- सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल: सभी बैंकों और ऐप्स के ट्रांजेक्शन व ऑटोपे (AutoPay) मैंडेट एक ही जगह दिखेंगे।
- सेफ्टी स्विच: अगर अकाउंट में गड़बड़ी का शक हो, तो यूजर तुरंत डेबिट ट्रांजेक्शन ब्लॉक कर सकते हैं।
- ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग: इसमें UPI नंबर डेलिंकिंग और ऑटोमेटेड चार्जबैक की सुविधा भी मिलेगी।
कार्ड नेटवर्क के लिए खतरा?
यह कदम Visa और Mastercard जैसे कार्ड नेटवर्क्स के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। अब बैंकों और पेमेंट एग्रीगेटर्स को अपने POS इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना होगा ताकि NFC-इनेबल्ड पेमेंट को सपोर्ट मिल सके। निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि मर्चेंट कितनी तेजी से अपने टर्मिनल्स को अपग्रेड करते हैं, क्योंकि पेमेंट मार्जिन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला खर्च डिजिटल पेमेंट सेक्टर की अगली बड़ी कहानी तय करेगा।
