RBI का बड़ा कदम: ₹1 लाख करोड़ के बॉन्ड बेचेगा रिजर्व बैंक, मार्केट से लिक्विडिटी घटाने की तैयारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
RBI का बड़ा कदम: ₹1 लाख करोड़ के बॉन्ड बेचेगा रिजर्व बैंक, मार्केट से लिक्विडिटी घटाने की तैयारी

सिस्टम में बढ़ी अतिरिक्त नकदी को सोखने के लिए Reserve Bank of India ने बड़ा फैसला लिया है। RBI अब ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) के जरिए सरकारी बॉन्ड बेचेगा, ताकि ₹11 लाख करोड़ से ज्यादा के सरप्लस को मैनेज किया जा सके।

लिक्विडिटी का दबाव और RBI का एक्शन

इस महीने की शुरुआत में बैंकिंग सिस्टम में नकदी का सरप्लस ₹11 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। इसकी मुख्य वजह अगस्त में खत्म हुई स्पेशल डॉलर-रुपया स्वैप सुविधा है, जिसके तहत $136.37 बिलियन का भारी विदेशी फंड आया। इसमें से $127.23 बिलियन तो केवल FCNR(B) डिपॉजिट्स के जरिए आए हैं।

कैसे काम करेगा यह प्लान?

सिस्टम में बनी इस अतिरिक्त नकदी को कंट्रोल करने के लिए RBI ने अब ₹1 लाख करोड़ की बॉन्ड बिक्री का प्लान बनाया है, जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा:

  • पहला चरण (17 सितंबर): ₹50,000 करोड़ के बॉन्ड की बिक्री।
  • दूसरा चरण (21 सितंबर): ₹25,000 करोड़ के बॉन्ड।
  • तीसरा चरण (28 सितंबर): ₹25,000 करोड़ के बॉन्ड।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

जब RBI मार्केट में बॉन्ड बेचता है, तो वह सिस्टम से रुपया खींच लेता है। इस प्रक्रिया का सीधा असर सरकारी बॉन्ड यील्ड्स पर पड़ता है, जो ऊपर जा सकती हैं। चूँकि बॉन्ड यील्ड्स ही लोन की दरों को तय करने का बेंचमार्क होती हैं, इसलिए आने वाले समय में कॉरपोरेट और बैंकों के लिए कर्ज लेना थोड़ा महंगा हो सकता है। फिलहाल बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन ऑपरेशंस के बाद ब्याज दरों में क्या हलचल देखने को मिलती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.