RBI का बड़ा ऐलान: फ्रीलांसर्स के लिए Export Compliance हुई आसान, अब नहीं भरना होगा अलग फॉर्म

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI का बड़ा ऐलान: फ्रीलांसर्स के लिए Export Compliance हुई आसान, अब नहीं भरना होगा अलग फॉर्म

Reserve Bank of India ने एक्सपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब फ्रीलांसर्स और इंडिविजुअल सर्विस एक्सपोर्टर्स को अलग से Export Declaration Form (EDF) भरने की जरूरत नहीं होगी। यह नियम 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है, जिससे कागजी कार्रवाई का बोझ काफी कम हो जाएगा।

नियमों में बदलाव और राहत

Reserve Bank of India ने 'Foreign Exchange Management (Export and Import of Goods and Services) (Second Amendment) Regulations, 2026' जारी कर दिए हैं। इस फैसले से फ्रीलांसर्स और इंडिविजुअल सर्विस एक्सपोर्टर्स को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें हर ट्रांजैक्शन के लिए औपचारिक डिक्लेरेशन डॉक्यूमेंट्स जमा करने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय, अब सिर्फ बैंक को पेमेंट से संबंधित जरूरी जानकारी देनी होगी।

छोटे एक्सपोर्टर्स के लिए भी सुविधा

केवल फ्रीलांसर्स ही नहीं, बल्कि अन्य एक्सपोर्टर्स के लिए भी नियम सरल किए गए हैं। अब ₹10 लाख प्रति एंट्री तक की इनवर्ड रेमिटेंस के लिए एक आसान रिपोर्टिंग प्रोसेस लागू किया गया है, जिससे छोटे कारोबारियों का कामकाज आसान हो जाएगा।

सावधानी भी है जरूरी

हालांकि EDF फाइलिंग खत्म कर दी गई है, लेकिन Export Data Processing and Monitoring System (EDPMS) का उद्देश्य जस का तस बना हुआ है। केंद्रीय बैंक अभी भी विदेशी मुद्रा प्रवाह पर नजर रखता है। इसलिए, एक्सपोर्टर्स को अपने सभी इनवॉइस, पेमेंट रसीदें और बैंक स्टेटमेंट का सही रिकॉर्ड संभालकर रखना चाहिए।

बैंकों के स्तर पर चुनौती

एक छोटा रिस्क यह भी है कि अलग-अलग बैंक इन गाइडलाइन्स को अपने इंटरनल रिस्क मैनेजमेंट पॉलिसी के हिसाब से लागू कर सकते हैं। कुछ बैंक अभी भी अतिरिक्त कागजात मांग सकते हैं। इसलिए, फ्रीलांसर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने संबंधित बैंक ब्रांच के संपर्क में रहें ताकि पेमेंट प्रोसेसिंग में कोई देरी न हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.