Floating Rate Bond 2034: RBI ने किया कूपन रेट का ऐलान, जानें निवेशकों को कितना मिलेगा रिटर्न

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Floating Rate Bond 2034: RBI ने किया कूपन रेट का ऐलान, जानें निवेशकों को कितना मिलेगा रिटर्न

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Floating Rate Bond 2034 के लिए **7.26%** का कूपन रेट तय किया है, जो 29 अप्रैल, 2027 तक प्रभावी रहेगा।

कूपन रेट में बदलाव का गणित

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्पष्ट किया है कि यह 7.26% की दर 30 अक्टूबर, 2026 से लेकर 29 अप्रैल, 2027 की अवधि के लिए लागू होगी। फिक्स्ड-इनकम बॉन्ड से अलग, इन बॉन्ड्स का रिटर्न फिक्स्ड नहीं होता, बल्कि हर छह महीने में रीसेट (reset) होता है।

यह कैसे काम करता है?

इसका रिटर्न पूरी तरह से 182-डे ट्रेजरी बिल्स (T-Bills) के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। RBI पिछले तीन ऑक्शन्स के वेटेड एवरेज यील्ड में 0.98% का फिक्स्ड मार्जिन जोड़कर कूपन रेट तय करता है। इसका मतलब साफ है कि अगर देश में शॉर्ट-टर्म इंटरेस्ट रेट्स बढ़ते हैं, तो निवेशकों को मिलने वाला पे-आउट भी बढ़ जाता है। वहीं, रेट घटने पर पे-आउट में गिरावट आती है।

रिटेल निवेशकों के लिए काम की बातें

RBI रिटेल डायरेक्ट प्लेटफॉर्म के जरिए निवेश करने वालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि:

  • अनिश्चितता: फिक्स्ड रेट बॉन्ड के मुकाबले यहां रिटर्न फिक्स्ड नहीं होता, जो इनकम की प्लानिंग में थोड़ी अनिश्चितता ला सकता है।
  • टैक्स: इस बॉन्ड से मिलने वाला इंटरेस्ट पूरी तरह से टैक्सेबल है। इसे आपकी कुल सालाना इनकम में जोड़ा जाएगा और आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पर टैक्स देना होगा।
  • मार्केट लिंक्ड: बॉन्ड का कूपन रेट रेपो रेट और बैंकिंग सिस्टम की लिक्विडिटी जैसे कारकों पर निर्भर करता है, इसलिए निवेशकों को शॉर्ट-टर्म इंटरेस्ट रेट ट्रेंड्स पर नजर रखनी चाहिए।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.