RBI द्वारा अक्टूबर में रेपो रेट को **5.50%** तक बढ़ाने के बाद अब बाजार में और बढ़ोतरी की अटकलें तेज हो गई हैं। निवेशक इस बात पर नजर गड़ाए हुए हैं कि भविष्य में दरों में बदलाव का असर महंगाई, लिक्विडिटी और कर्ज की लागत पर क्या पड़ेगा।
रेपो रेट में बढ़ोतरी और नई दिशा
7 अक्टूबर, 2026 को Reserve Bank of India (RBI) ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% कर दिया। यह पिछले 3 सालों में पहली बार है जब दरों में इजाफा किया गया है। केंद्रीय बैंक का यह रुख 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' की ओर बढ़ता संकेत दे रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य महंगाई को नियंत्रित करना है। अब बाजार इस बात की चर्चा कर रहा है कि भविष्य में दरें कितनी तेजी से और किस हद तक बढ़ सकती हैं।
मौजूदा स्थिति में महंगाई लगातार 3 महीनों से 4% के ऊपर बनी हुई है, जिससे RBI पर दबाव बढ़ा है। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था में मजबूती दिख रही है, जिसमें बैंकिंग सेक्टर की क्रेडिट ग्रोथ मिड-अक्टूबर तक सालाना आधार पर करीब 17.94% रही है, लेकिन ऊंची दरों का साया भविष्य के रिटर्न पर पड़ता दिख रहा है।
मार्जिन पर दबाव और मंदी का रिस्क
ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सबसे पहला असर कर्ज लेने की लागत पर पड़ता है। बैंकों और NBFCs की फंडिंग लागत बढ़ रही है। अगर ये संस्थान इस बढ़ी हुई लागत को तुरंत ग्राहकों तक नहीं पहुंचाते हैं, तो उनके नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशक इन मार्जिन पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं क्योंकि यही कंपनियों का प्रॉफिट तय करते हैं।
RBI ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए GDP ग्रोथ 7.1% रहने का अनुमान लगाया है, लेकिन अगर दरें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो निजी निवेश और कंज्यूमर स्पेंडिंग सुस्त पड़ सकती है। महंगा कर्ज होम लोन और ऑटो लोन की मांग को ठंडा कर सकता है।
ग्लोबल दबाव और बॉन्ड यील्ड
वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की अस्थिर कीमतें भारतीय रुपये और घरेलू महंगाई पर दबाव डाल रही हैं। लिक्विडिटी कंट्रोल करने के लिए RBI बॉन्ड सेल्स और रिजर्व रिक्वायरमेंट्स में बदलाव कर रहा है, जिसके चलते अक्टूबर में 10-year government bond yield करीब 7.44% तक पहुंच गई है। बढ़ती बॉन्ड यील्ड का मतलब है कि पूरे बिजनेस इकोसिस्टम के लिए कैपिटल की लागत बढ़ गई है। अब निवेशकों की नजर दिसंबर की पॉलिसी मीटिंग पर है कि क्या RBI अपनी मौजूदा नीति पर कायम रहता है या डेटा के आधार पर बदलाव करता है।
