RBI ने भारतीय लाभार्थियों के लिए सीमा-पार भुगतान तेज करने का प्रस्ताव दिया

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AuthorWhalesbook News Team|Published at:
RBI ने भारतीय लाभार्थियों के लिए सीमा-पार भुगतान तेज करने का प्रस्ताव दिया
Overview

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सीमा-पार (क्रॉस-बॉर्डर) आने वाले भुगतानों की गति और दक्षता में सुधार के लिए एक मसौदा परिपत्र (draft circular) जारी किया है। प्रस्ताव का उद्देश्य बैंकों में प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करके, भुगतान प्राप्त होने पर ग्राहकों को तत्काल सूचना सुनिश्चित करके, और बैंक खातों के लगभग वास्तविक समय (near real-time) सामंजस्य (reconciliation) को प्रोत्साहित करके लाभार्थियों को धन जमा करने में होने वाली देरी को कम करना है। बैंकों से 19 नवंबर 2025 तक प्रतिक्रिया मांगी गई है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने भारत में सीमा-पार आने वाले भुगतानों को तेज करने के उपायों का विवरण देते हुए एक मसौदा परिपत्र जारी किया है। इसका मुख्य उद्देश्य उस प्रक्रिया में लगने वाले समय को काफी कम करना है, जिसके तहत पैसा प्राप्त करने वाले बैंक में पहुंचने के बाद इच्छित लाभार्थी तक पहुंचता है। इस प्रक्रिया में अक्सर 'लाभार्थी पक्ष' (beneficiary leg) के कारण देरी होती है।

RBI सुझाव देता है कि जैसे ही कोई सीमा-पार आवक लेनदेन संदेश (inward cross-border transaction message) प्राप्त हो, बैंक तुरंत अपने ग्राहकों को सूचित करें। बैंकिंग घंटों के बाद प्राप्त संदेशों के लिए, ग्राहकों को अगले कारोबारी दिन की शुरुआत में सूचित किया जाना चाहिए।

एक महत्वपूर्ण बिंदु जिसे संबोधित किया गया है, वह है नोस्ट्रो खाता (nostro account) के सामंजस्य के लिए दिन के अंत के विवरण (end-of-day statements) पर निर्भरता, जिसके कारण धन जमा करने में देरी होती है। RBI बैंकों को सलाह देता है कि वे अपने नोस्ट्रो खातों में लगभग वास्तविक समय के आधार पर या नियमित अंतराल पर, आदर्श रूप से तीस मिनट से अधिक नहीं, क्रेडिट की पुष्टि और सामंजस्य करें। बैंकों को विदेशी मुद्रा बाजार के घंटों के दौरान प्राप्त आवक भुगतानों को उसी कारोबारी दिन और बाजार के घंटों के बाद प्राप्त भुगतानों को अगले कारोबारी दिन क्रेडिट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

इसके अलावा, RBI ने सिफारिश की है कि बैंक विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए डिजिटल इंटरफेस प्रदान करें, जिससे दस्तावेज़ जमा करने और लेनदेन की निगरानी को सरल बनाया जा सके। वे जोखिम मूल्यांकन और नियामक अनुपालन के आधार पर निवासी व्यक्तिगत खातों में आवक भुगतानों को क्रेडिट करने के लिए एक सीधी-पास प्रक्रिया (straight-through process - STP) भी लागू कर सकते हैं।

प्रभाव:
इस पहल से अंतरराष्ट्रीय प्रेषण (remittances) और भुगतान प्राप्त करने वाले व्यक्तियों और व्यवसायों के अनुभव में काफी सुधार होने की उम्मीद है, जिससे वित्तीय प्रवाह अधिक पूर्वानुमानित और कुशल बनेगा। यह विदेशी मुद्रा आवक को बढ़ावा दे सकता है और आर्थिक गतिविधि का समर्थन कर सकता है। रेटिंग: 8/10।

कठिन शब्दों की व्याख्या:
लाभार्थी पक्ष (Beneficiary Leg): भुगतान प्रक्रिया का वह हिस्सा जो उस बैंक में होता है जहाँ धन प्राप्त करने वाले का खाता होता है। यहाँ देरी का मतलब है कि प्राप्तकर्ता के खाते में पैसा आने में अधिक समय लगता है।
नोस्ट्रो खाता (Nostro Account): एक बैंक खाता जो एक बैंक किसी विदेशी देश में रखता है, और जो उस देश की मुद्रा में होता है। 'नोस्ट्रो' इतालवी में 'हमारा' है, इसलिए यह बैंक का खाता है जो दूसरे बैंक के पास होता है।
सीधी-पास प्रक्रिया (Straight-Through Process - STP): एक स्वचालित प्रक्रिया जो वित्तीय लेनदेन को शुरू से अंत तक बिना किसी मैन्युअल हस्तक्षेप के पूरा करने की अनुमति देती है, जिससे प्रसंस्करण समय काफी तेज हो जाता है।

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