Reserve Bank of India (RBI) आज अपनी मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करने जा रहा है। बाजार में चर्चा है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट** की बढ़ोतरी की जा सकती है, जिसका सीधा असर आपके लोन की EMI पर पड़ सकता है।
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिवसीय बैठक का आज आखिरी दिन है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगस्त में बढ़कर 4.82% हुई महंगाई को थामने के लिए RBI रेपो रेट को मौजूदा 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर सकता है। अगर ऐसा होता है, तो फरवरी 2023 के बाद यह पहली बार होगा जब ब्याज दरें बढ़ेंगी।
रुपये और कमोडिटी का दबाव
इस फैसले के पीछे का सबसे बड़ा कारण रुपये की कमजोरी और ग्लोबल मार्केट में बनी अस्थिरता है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 96.44 के स्तर के पास कारोबार कर रहा है। वहीं, कच्चे तेल की कीमतें यानी Brent Crude का $100 प्रति बैरल के ऊपर बने रहना भारत के इंपोर्ट बिल को बढ़ा रहा है, जिससे इन्फ्लेशन का दबाव बना हुआ है।
लिक्विडिटी और मार्केट पर असर
सिस्टम में फिलहाल INR 4.6 ट्रिलियन की अतिरिक्त लिक्विडिटी बनी हुई है। RBI इसे कंट्रोल करने के लिए बॉन्ड सेल्स या रिवर्स रेपो जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर सकता है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि अगर रेपो रेट बढ़ता है, तो रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल और NBFC सेक्टर के लिए कर्ज महंगा हो सकता है।
क्या है निवेशकों के लिए अहम?
आज सुबह 10:00 बजे आने वाले RBI के आधिकारिक बयान पर सबकी नजरें टिकी हैं। अगर गवर्नर महंगाई को कंट्रोल करने के लिए सख्त रुख अपनाते हैं, तो बॉन्ड और करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या RBI भविष्य में और दरों में बढ़ोतरी का संकेत देता है या ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए कोई राहत देता है।
