RBI Policy Meet: 7 अक्टूबर को RBI ले सकता है बड़ा फैसला, क्या फिर बढ़ेंगे Interest Rates?

RBI
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI Policy Meet: 7 अक्टूबर को RBI ले सकता है बड़ा फैसला, क्या फिर बढ़ेंगे Interest Rates?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक शुरू हो चुकी है, जिसका फैसला 7 अक्टूबर को आएगा। महंगाई और करेंसी में उतार-चढ़ाव को देखते हुए मार्केट में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलें तेज हैं, जिससे बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है।

रेपो रेट पर सबकी नजरें

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 3 दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 5 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। निवेशकों और बाजार के जानकारों की निगाहें 7 अक्टूबर को होने वाले फैसले पर टिकी हैं। फिलहाल रेपो रेट 5.25% पर है और सवाल यह है कि क्या बढ़ती महंगाई को थामने के लिए RBI इसे और बढ़ाएगा?

बाजार क्यों है सतर्क?

मार्केट पार्टिसिपेंट्स 'ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप' (OIS) दरों पर पैनी नजर रखे हुए हैं। अगस्त में खुदरा महंगाई 4.82% रही है, कच्चा तेल $100 प्रति बैरल के पार है और डॉलर के मुकाबले रुपया दबाव में है। इन हालातों को देखते हुए कुछ ट्रेडर्स को डर है कि RBI 25 बेसिस पॉइंट्स से ज्यादा की भी सख्त कार्रवाई कर सकता है।

किन सेक्टरों पर पड़ेगा असर?

ब्याज दरें बढ़ने का मतलब है कि कर्ज महंगा होना। इसका सीधा असर इन सेक्टरों पर पड़ेगा:

  • रियल एस्टेट और ऑटो: लोन की EMI बढ़ने से ग्राहकों की डिमांड कम हो सकती है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आ सकता है।
  • NBFCs: इन कंपनियों के लिए फंडिंग कॉस्ट बढ़ सकती है।
  • बैंकिंग: बैंकों के लिए यह स्थिति मिली-जुली है। जहां एक ओर नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) बढ़ सकते हैं, वहीं दूसरी ओर ज्यादा ब्याज दरों से क्रेडिट ग्रोथ धीमी होने का खतरा भी बना रहता है।

अब निवेशकों को इंतजार है कि क्या RBI महंगाई को कंट्रोल करने के लिए ग्रोथ को दरकिनार करेगा, या फिर दोनों के बीच एक बेहतर बैलेंस बिठाएगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.