Nomura की रिपोर्ट के मुताबिक, Reserve Bank of India रेपो रेट में सिर्फ **50 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी करेगा, जिससे दर **5.75%** तक पहुंच जाएगी। यह मार्केट की **125 बेसिस पॉइंट्स** की उम्मीद से काफी कम है।
आरबीआई की रणनीति और नोमुरा का अनुमान\n\nब्रोकरेज फर्म Nomura ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस साल ब्याज दरों के मामले में काफी संतुलित रुख अपना सकता है। वर्तमान में रेपो रेट 5.25% पर है। मार्केट में जहां 125 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा था, वहीं Nomura का मानना है कि कुल इजाफा केवल 50 बेसिस पॉइंट्स तक सीमित रहेगा, जिससे टर्मिनल रेट 5.75% हो जाएगा।\n\nअगस्त 2026 में खुदरा महंगाई (CPI) 4.82% दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई अभी इतनी नहीं बढ़ी है कि RBI को सख्त रुख अपनाना पड़े और कंजम्पशन या रूरल डिमांड को नुकसान पहुंचाना पड़े।\n\n### मार्केट और इकॉनमी का पेच\n\nNomura के मुताबिक, इकोनॉमिक आउटपुट में कमी और मॉनसून की अनिश्चितता के कारण RBI का Monetary Policy Committee (MPC) ग्रोथ को बचाने पर ज्यादा जोर देगा। 5 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच चल रही MPC की मीटिंग निवेशकों के लिए सबसे अहम है, क्योंकि यहीं से तय होगा कि सेंट्रल बैंक का अगला कदम क्या होगा।\n\n### रुपये पर दबाव और ग्लोबल चुनौतियां\n\nRBI के सामने सिर्फ महंगाई नहीं, बल्कि रुपया भी एक बड़ी चुनौती है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी के कारण भारतीय रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है। Nomura की फॉरेक्स टीम का अनुमान है कि 2027 की पहली तिमाही तक रुपया 94 के स्तर तक फिसल सकता है। करेंसी को बचाने के लिए RBI को मार्केट में दखल देना पड़ सकता है, जिसका सीधा असर बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी पर पड़ेगा।