बढ़ती महंगाई को काबू करने के लिए Reserve Bank of India जल्द ही बड़ा कदम उठा सकता है। खबर है कि साल खत्म होने से पहले रेपो रेट में **दो बार** बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे आम जनता के लिए लोन महंगे होने का खतरा बढ़ गया है।
रेपो रेट पर RBI की नजर
महंगाई का आंकड़ा फिलहाल 4.8% पर है, जिसके 5.5% तक पहुंचने का अनुमान है। अगर ऐसा हुआ, तो RBI अक्टूबर और दिसंबर की पॉलिसी मीटिंग में 25-25 बेसिस पॉइंट्स की दो बार बढ़ोतरी कर सकता है। इसका सीधा असर आपके होम लोन, पर्सनल लोन और कॉरपोरेट कर्ज पर पड़ेगा, जो और महंगे हो सकते हैं।
कच्चे तेल की आग
इकोनॉमी के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द कच्चे तेल की कीमतें हैं। अगर इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल $100 प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है, तो सरकार के खजाने पर दबाव बढ़ेगा और करंट अकाउंट डेफिसिट भी बिगड़ेगा।
IT vs मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
महंगाई के इस दौर में कंपनियों के मार्जिन पर दबाव दिख रहा है। IT सेक्टर फिलहाल सुस्त है और रेवेन्यू ग्रोथ की चुनौतियों से जूझ रहा है। वहीं दूसरी ओर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक बड़ा बदलाव दिख रहा है। अब भारत सिर्फ मोबाइल असेंबल ही नहीं कर रहा, बल्कि कैमरा मॉड्यूल, बैटरी और प्रिंटेड सर्किट बोर्ड जैसे कॉम्प्लेक्स कंपोनेंट्स के लोकल प्रोडक्शन पर भी जोर दे रहा है।
निवेशकों को अब US Federal Reserve के फैसलों और घरेलू महंगाई के आंकड़ों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है।
