RBI की ब्याज दरें: अक्टूबर से शुरू हो सकता है महंगाई पर वार, बढ़ सकती हैं आपकी EMI

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AuthorNeha Patil|Published at:
RBI की ब्याज दरें: अक्टूबर से शुरू हो सकता है महंगाई पर वार, बढ़ सकती हैं आपकी EMI

RBI जल्द ही ब्याज दरों में बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू कर सकता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि अक्टूबर में **25 बेसिस पॉइंट्स** का इजाफा हो सकता है। बढ़ती महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों के चलते यह कदम जरूरी हो गया है, जिसका सीधा असर आम निवेशकों और कर्जदारों की जेब पर पड़ेगा।

बढ़ती महंगाई के दबाव को देखते हुए अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रुख में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। लंबे समय तक दरों को स्थिर रखने के बाद, अब केंद्रीय बैंक अपना फोकस महंगाई पर सख्ती से रोकने की ओर शिफ्ट कर रहा है।

महंगाई का बढ़ता दायरा

लेटेस्ट डेटा के मुताबिक, अगस्त में कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन बढ़कर 4.8% हो गई है, जो पहले 3.9% के औसत पर थी। इसकी मुख्य वजह ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों का $100 प्रति बैरल के पार जाना है। इसके साथ ही, मानसून की अनिश्चितता के कारण फूड इन्फ्लेशन के तीसरी तिमाही में 7% का आंकड़ा पार करने का अनुमान है, जिसने RBI की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

निवेशकों और कर्जदारों पर असर

अगर RBI दरों में इजाफा करता है, तो इसका सबसे पहला असर लोन लेने वालों पर होगा। होम, ऑटो और कॉर्पोरेट लोन महंगे हो सकते हैं, जिससे कंपनियों के मुनाफे और आम आदमी के बजट पर दबाव बढ़ेगा। बैंकों के लिए यह स्थिति मिश्रित रह सकती है, लेकिन बॉन्ड मार्केट पर इसका सीधा असर दिखेगा। जैसे-जैसे पॉलिसी रेट्स बढ़ेंगे, मौजूदा बॉन्ड्स की वैल्यू गिर सकती है और सरकारी बॉन्ड यील्ड में तेजी देखने को मिलेगी।

करेंसी और लिक्विडिटी का गणित

महंगाई के अलावा, रुपया को स्थिर रखना भी RBI की प्राथमिकता है। भारत और अमेरिका के बीच ब्याज दरों का अंतर कम होने से विदेशी पूंजी पर असर पड़ रहा है। इसे संभालने के लिए RBI ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) या वेरिएबल रेट ऑक्शन जैसे टूल्स का इस्तेमाल कर सकता है। निवेशकों की नजर अब कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) पर भी बनी रहेगी, जो लिक्विडिटी कंट्रोल करने का मुख्य जरिया है। हालांकि देश की जीडीपी 7.8% की मजबूत दर से बढ़ रही है, लेकिन अगली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की बैठक में होने वाले फैसले भारतीय बाजार की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.