RBI ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी प्रबंधन पर कसा शिकंजा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक ओवरनाइट वेरिएबल रेट रेपो (VRR) ऑक्शन के ज़रिए बैंकिंग सिस्टम में ₹1.25 लाख करोड़ की नकदी डाल रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य फंड्स की उपलब्धता में हो रहे उतार-चढ़ाव को काबू करना और ओवरनाइट कॉल रेट को केंद्रीय बैंक की पॉलिसी रेपो रेट, जो कि 5.25% है, के करीब रखना है। यह दखल मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की प्रभावशीलता और समग्र वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
हालिया नकदी की स्थिति
लिक्विडिटी ऑपरेशंस में हालिया गतिविधियों ने बाजार में हलचल मचा दी है। बुधवार को, ₹1.5 लाख करोड़ की पेशकश वाली पांच-दिवसीय VRR ऑक्शन में बैंकों ने केवल ₹16,435 करोड़ की ही बोली लगाई, और औसत दर 5.26% रही। इससे यह संकेत मिलता है कि बैंकों के पास पर्याप्त फंड्स हो सकते हैं या वे उधार लेने से हिचकिचा रहे थे। मंगलवार तक, बैंकिंग सिस्टम में ₹1.50 लाख करोड़ का नेट सरप्लस था, और वेटेड एवरेज कॉल रेट (WACR) पॉलिसी रेट से थोड़ा नीचे, 5.24% पर था।
VRR ऑक्शन कैसे काम करते हैं?
वेरिएबल रेट रेपो (VRR) ऑक्शन बैंकों को सरकारी सिक्योरिटीज (Government Securities) को गिरवी रखकर RBI से अल्पकालिक फंड उधार लेने की सुविधा देते हैं। ऑक्शन प्रक्रिया बाजार सहभागियों को दरों को प्रभावित करने की अनुमति देती है, जिससे केंद्रीय बैंक को लचीलापन मिलता है। ये ऑक्शन, रिवर्स रेपो के साथ, RBI की लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) के लिए महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जो ओवरनाइट दरों को एक निर्धारित सीमा में प्रबंधित करते हैं। वर्तमान नकदी इंजेक्शन यह दर्शाता है कि RBI, कॉल रेट को अतिरिक्त फंड्स के कारण बहुत नीचे जाने देने के बजाय, दर स्थिरता को प्राथमिकता दे रहा है।
अर्थव्यवस्था पर असर
हालांकि ये विशेष नकदी ऑपरेशन सीधे तौर पर व्यक्तिगत कंपनी शेयरों को प्रभावित नहीं करते हैं, वे व्यापक आर्थिक माहौल के लिए महत्वपूर्ण हैं। स्थिर अल्पकालिक ब्याज दरें (Interest Rates) व्यवसायों के लिए उधार लेने की लागत को कम कर सकती हैं और संभावित रूप से निवेश को प्रोत्साहित कर सकती हैं। इन ऑपरेशंस में RBI की नियमित भागीदारी सुचारू वित्तीय बाजार कामकाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। दुनिया भर में कई केंद्रीय बैंक घरेलू नकदी प्रबंधन के लिए इसी तरह के तरीकों का उपयोग करते हैं, जो सक्रिय मौद्रिक नीति (Active Monetary Policy) में एक आम चलन को दर्शाता है।
