RBI की बड़ी चाल: ₹1.25 लाख करोड़ डाले सिस्टम में, कॉल रेट को थामने की कोशिश!

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AuthorNeha Patil|Published at:
RBI की बड़ी चाल: ₹1.25 लाख करोड़ डाले सिस्टम में, कॉल रेट को थामने की कोशिश!
Overview

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) बैंकिंग सिस्टम में ₹1.25 लाख करोड़ की भारी नकदी डाल रहा है। यह कदम ओवरनाइट रेपो ऑक्शन के जरिए उठाया गया है, जिसका मकसद सिस्टम में लिक्विडिटी को स्थिर करना और ओवरनाइट कॉल रेट को पॉलिसी रेपो रेट (5.25%) के करीब बनाए रखना है। यह तब आया है जब पिछली पांच-दिवसीय रेपो ऑक्शन में उम्मीद से काफी कम भागीदारी देखी गई थी।

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RBI ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी प्रबंधन पर कसा शिकंजा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक ओवरनाइट वेरिएबल रेट रेपो (VRR) ऑक्शन के ज़रिए बैंकिंग सिस्टम में ₹1.25 लाख करोड़ की नकदी डाल रहा है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य फंड्स की उपलब्धता में हो रहे उतार-चढ़ाव को काबू करना और ओवरनाइट कॉल रेट को केंद्रीय बैंक की पॉलिसी रेपो रेट, जो कि 5.25% है, के करीब रखना है। यह दखल मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की प्रभावशीलता और समग्र वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

हालिया नकदी की स्थिति

लिक्विडिटी ऑपरेशंस में हालिया गतिविधियों ने बाजार में हलचल मचा दी है। बुधवार को, ₹1.5 लाख करोड़ की पेशकश वाली पांच-दिवसीय VRR ऑक्शन में बैंकों ने केवल ₹16,435 करोड़ की ही बोली लगाई, और औसत दर 5.26% रही। इससे यह संकेत मिलता है कि बैंकों के पास पर्याप्त फंड्स हो सकते हैं या वे उधार लेने से हिचकिचा रहे थे। मंगलवार तक, बैंकिंग सिस्टम में ₹1.50 लाख करोड़ का नेट सरप्लस था, और वेटेड एवरेज कॉल रेट (WACR) पॉलिसी रेट से थोड़ा नीचे, 5.24% पर था।

VRR ऑक्शन कैसे काम करते हैं?

वेरिएबल रेट रेपो (VRR) ऑक्शन बैंकों को सरकारी सिक्योरिटीज (Government Securities) को गिरवी रखकर RBI से अल्पकालिक फंड उधार लेने की सुविधा देते हैं। ऑक्शन प्रक्रिया बाजार सहभागियों को दरों को प्रभावित करने की अनुमति देती है, जिससे केंद्रीय बैंक को लचीलापन मिलता है। ये ऑक्शन, रिवर्स रेपो के साथ, RBI की लिक्विडिटी एडजस्टमेंट फैसिलिटी (LAF) के लिए महत्वपूर्ण उपकरण हैं, जो ओवरनाइट दरों को एक निर्धारित सीमा में प्रबंधित करते हैं। वर्तमान नकदी इंजेक्शन यह दर्शाता है कि RBI, कॉल रेट को अतिरिक्त फंड्स के कारण बहुत नीचे जाने देने के बजाय, दर स्थिरता को प्राथमिकता दे रहा है।

अर्थव्यवस्था पर असर

हालांकि ये विशेष नकदी ऑपरेशन सीधे तौर पर व्यक्तिगत कंपनी शेयरों को प्रभावित नहीं करते हैं, वे व्यापक आर्थिक माहौल के लिए महत्वपूर्ण हैं। स्थिर अल्पकालिक ब्याज दरें (Interest Rates) व्यवसायों के लिए उधार लेने की लागत को कम कर सकती हैं और संभावित रूप से निवेश को प्रोत्साहित कर सकती हैं। इन ऑपरेशंस में RBI की नियमित भागीदारी सुचारू वित्तीय बाजार कामकाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। दुनिया भर में कई केंद्रीय बैंक घरेलू नकदी प्रबंधन के लिए इसी तरह के तरीकों का उपयोग करते हैं, जो सक्रिय मौद्रिक नीति (Active Monetary Policy) में एक आम चलन को दर्शाता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.