Reserve Bank of India (RBI) ने रेपो रेट को **0.25%** बढ़ाकर **5.50%** कर दिया है। साल 2023 के बाद यह पहला मौका है जब ब्याज दरों में इजाफा किया गया है।
महंगाई पर RBI का सख्त रुख
केंद्रीय बैंक ने 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (Calibrated Tightening) का रुख अपनाते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है। Monetary Policy Committee (MPC) के सभी 6 सदस्यों ने इस फैसले पर एकमत होकर मुहर लगाई है। इसका सीधा मतलब है कि रिजर्व बैंक फिलहाल महंगाई को काबू करने को प्राथमिकता दे रहा है और ब्याज दरों में राहत की उम्मीद अभी कम है।
आपके लोन पर क्या असर होगा?
अगर आपका होम, ऑटो या पर्सनल लोन किसी एक्सटर्नल बेंचमार्क से जुड़ा है, तो आपकी EMI का बढ़ना लगभग तय है। बैंकों की ओर से लेंडिंग रेट्स में बदलाव के बाद आपके मासिक बजट पर दबाव दिख सकता है। लोन की अवधि (Tenure) भी बढ़ सकती है क्योंकि बैंकों की फंड कॉस्ट बढ़ गई है।
कॉर्पोरेट जगत और GDP का हाल
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कर दिया है कि अभी रेट कट (Rate Cut) पर कोई विचार नहीं है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि RBI ने FY27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। वहीं, CPI महंगाई दर 5.2% रहने का अनुमान है।
ज्यादा कर्ज वाली कंपनियों के लिए अब ब्याज चुकाना महंगा होगा, जिससे उनके प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ सकता है। आने वाले समय में वेस्ट एशिया (West Asia) में जारी तनाव और अल-नीनो (El Nino) जैसे क्लाइमेट रिस्क पर RBI की पैनी नजर बनी रहेगी।
