RBI Policy Update: रेपो रेट में **25 bps** की बढ़ोतरी, लिक्विडिटी सरप्लस को लेकर RBI का बड़ा ऐलान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
RBI Policy Update: रेपो रेट में **25 bps** की बढ़ोतरी, लिक्विडिटी सरप्लस को लेकर RBI का बड़ा ऐलान

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। साथ ही, केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि बैंकिंग सिस्टम में मौजूद **₹5.9 लाख करोड़** का सरप्लस लिक्विडिटी फंड फाइनेंशियल ईयर के अंत तक धीरे-धीरे कम हो जाएगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महंगाई पर लगाम कसने और अर्थव्यवस्था को स्थिरता देने के लिए रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है। इस फैसले के साथ ही गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बैंकिंग सिस्टम में मौजूद भारी लिक्विडिटी पर स्थिति साफ की है। अगस्त की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की मीटिंग के बाद से ही सिस्टम में रोजाना लगभग ₹5.9 लाख करोड़ का सरप्लस बना हुआ है।\n\n### लिक्विडिटी का गणित\nयह सरप्लस मुख्य रूप से भारी कैपिटल इनफ्लो के कारण बना है, जिसमें इस साल जमा हुए $133 बिलियन के फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR-B) डिपॉजिट्स शामिल हैं। गवर्नर ने भरोसा दिलाया है कि यह स्थिति अस्थायी है और उम्मीद है कि मार्च 2027 यानी फाइनेंशियल ईयर के अंत तक यह लिक्विडिटी सिस्टम से अपने आप बाहर हो जाएगी।\n\n### कैसे मैनेज होगा पैसा?\nRBI ने स्पष्ट किया है कि वे कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) बढ़ाने जैसे सख्त कदम नहीं उठाएंगे, जिससे बैंकों की उधार देने की क्षमता प्रभावित न हो। इसके बजाय, सेंट्रल बैंक वेरिएबल रेट रिवर्स रेपो (VRRR) ऑक्शन, ओपन मार्केट ऑपरेशंस और फॉरेक्स स्वैप जैसे रूटीन टूल्स का इस्तेमाल करेगा।\n\n### निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?\nब्याज दरें बढ़ने का मतलब है कि आम ग्राहकों और बिजनेस के लिए लोन लेना महंगा होगा। हालांकि, RBI का यह संतुलित नजरिया मनी मार्केट में स्थिरता बनाए रखने पर केंद्रित है। निवेशकों को सलाह है कि वे बैंकों द्वारा लेंडिंग रेट्स में किए जाने वाले बदलावों और RBI की आगामी कमेंट्री पर पैनी नजर रखें, क्योंकि ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता और महंगाई के आंकड़े भविष्य की पॉलिसी तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.