RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ग्लोबल अस्थिरता को देखते हुए फाइनेंशियल सिस्टम को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी है। यह चेतावनी **5 से 7 अक्टूबर, 2026** को होने वाली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक से ठीक पहले आई है। जानकारों का मानना है कि बढ़ती महंगाई को थामने के लिए RBI **25 बेसिस पॉइंट** की रेपो रेट बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है।
ग्लोबल अनिश्चितताओं पर RBI का रुख
नई दिल्ली में आयोजित 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में गवर्नर संजय मल्होत्रा ने साफ कहा कि भारतीय फाइनेंशियल सिस्टम ने झटकों के बावजूद मजबूती दिखाई है, लेकिन हमें स्थिरता को हल्के में नहीं लेना चाहिए। जियो-पॉलिटिकल तनाव और तेजी से बदलती टेक्नोलॉजी के दौर में सेंट्रल बैंक को प्रो-एक्टिव बने रहने की जरूरत है।
ब्याज दरों पर क्या है उम्मीद?
अगस्त 2026 तक रिटेल महंगाई लगातार 3 महीने से RBI के 4% के मीडियम-टर्म टारगेट से ऊपर बनी हुई है। इसी को देखते हुए मार्केट में चर्चा है कि 7 अक्टूबर को होने वाली घोषणा में रेपो रेट को 5.50% तक बढ़ाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो बिजनेस लोन और पर्सनल लोन की EMI में इजाफा होना तय है।
सिस्टम को मजबूत बनाने पर जोर
गवर्नर ने पुराने अनुभव याद दिलाते हुए कहा कि बैंकिंग सेक्टर में तनाव बहुत तेजी से फैलता है, जिसे सुलझाने में सालों लग जाते हैं। उनका मुख्य फोकस यह है कि बैंक और NBFCs किसी भी अनहोनी के लिए पूरी तरह तैयार रहें। RBI अब डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रहा है ताकि किसी भी सिस्टमैटिक क्राइसिस को आने से पहले ही पहचाना जा सके। अब निवेशकों की नजरें RBI की कमेंट्री पर हैं कि वे ग्रोथ और महंगाई के बीच कैसा तालमेल बैठाते हैं।
